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DC ने की कल्याण विभाग की समीक्षा, दो लिपिक का वेतन रोका, 1 जेई का 7 दिन के वेतन कटौती, 1 कार्यपालक अभिंयंता व 1 जेई को शो कॉज

By Goutam

Published on:

 

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सोशल संवाद/जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में आहूत कल्याण विभागीय समीक्षा बैठक में उपायुक्त विजया जाधव ने योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की।

छात्रवृत्ति के राशि भुगतान में हो रही देरी को लेकर उन्होने जिला कल्याण पदाधिकारी को फटकार लगाते हुए वेतन कटौती के निर्देश दिए, पूर्व से ही वेतन निकासी पर रोक था। लचर कार्यशैली को लेकर दो लिपिक का भी वेतन रोका गया वहीं एक जेई का 7 दिनों का वेतन कटौती का निर्देश दिया गया।

जिला कल्याण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जनवरी 2020-दिसबंर 2022 तक जिले में 840 व्यक्तिगत एवं 15 सामुदायिक वन पट्टा का वितरण किया गया है। उपायुक्त द्वारा अनुमंडल या अंचल कार्यालयों में लंबित वन पट्टा आवेदन पत्र की जांच कर यथाशीघ्र जिला से स्वीकृति का निर्देश दिया गया। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालयों/छात्रावासों के जिर्णोद्धार से संबंधित प्रतिवेदन में कार्य समाप्ति की तिथि जुलाई, अगस्त व सितंबर 2022 थी, निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी हैंडओवर नहीं किए जाने पर संबंधित कार्यपालक अभियंता व कनीय अभियंता को शोकॉज किया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद इतने दिनों तक भवन का हैंडओवर नहीं होना घोर कर्तव्यहीनता है, उन्होने संबधित बीडीओ को छात्रावासों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए ।

उपायुक्त ने जिले में 04 से 30 जनवरी तक प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्र में आयोजित किए जा रहे दिव्यांगता कैम्प में दिव्यांगजनों से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का आवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि दिव्यांगजनों को सिर्फ पेंशन का लाभ देकर सक्षम नहीं बनाया जा सकता, उन्हें रोजी रोजगार के लिए भी अवसर दें। CMEGP के तहत 655 लाभुकों को अबतक जिले में लाभ दिया गया है।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में निर्धारित लक्ष्य से कम स्वीकृति किए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। बकरा विकास योजना में वित्तीय वर्ष 2020-21 में निर्धारित लक्ष्य 380 के विरूद्ध 457 आवेदन आए, उसी प्रकार सुकर विकास में 150 के विरूद्ध 191, लो इनपुट लेयर कुक्कुट पालन में 80 के विरूद्ध 103 आए हैं। कल्याण विभागीय संचालित ये सभी योजनायें सौ फीसदी सब्सिडी की है लेकिन प्राप्त आवेदनों के विरूद्ध कम स्वीकृति हुई है। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों को मेरिट के आधार पर तत्काल निष्पादित करें।

बिरसा आवास योजना की समीक्षा में वित्तीय वर्ष 2020-21 व 2021-22 में कुल स्वीकृत 312 में से 92 का निर्माण पूर्ण पाया गया। शेष आवासों का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। आदिवासी कला संस्कृति भवन, जाहेर स्थान निर्माण को लेकर कुछ स्थानों में लाभुक समिति की निष्क्रियता पर उपायुक्त ने ग्राम सभा कर नए लाभुक समिति के गठन का निर्देश दिया। जहां खतियान में कब्रिस्तान नहीं है लेकिन संबंधित भूमि में क्रबिस्तान रहा है, वहां सीआई या हल्का कर्मचारी के प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार कब्रिस्तान निर्माण को लेकर अग्रेत्तर कार्रवाई का निदेश दिया गया। बैठक में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, प्री मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला योजना पदाधिकारी अरूण द्विवेदी, जिला कल्याण पदाधिकारी राजेश पांडेय, कार्यापालक अभिंयता विशेष प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता भवन, आईटीडीए के सहायक व कनीय अभियंता आदि उपस्थित थे।

 

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