होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
01 (48)
previous arrow
next arrow

 

 

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ खरसावां में शुरु हुई मां बासंती दुर्गा पूजा, 1903 से ब्राह्मण समाज कर रहे हैं पूजा

By Goutam

Published on:

 

बासंती दुर्गा पूजा

---Advertisement---

XAVIER PUBLIC SCHOOl
previous arrow
next arrow
04
previous arrow
next arrow

 

जनसंवाद, खरसावां (रिपोर्ट- उमाकांत कर): चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन रविवार को खरसावां में मां बासंती दुर्गा पूजा शुरु हुई. पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां बासंती की पूजा अर्चना की. इस दौरान हवन-पूजन कर मां बासंती दुर्गा की आरती उतारी गयी.

सप्तमी पर मां बासंती दुर्गा की पूजा करने के लिये बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. 15 अप्रैल को अष्टमी पूजा का आयोजन होगा. ओड़िया पंचांग के अनुसार 16 अप्रैल को इस वर्ष विश्राम रहेगा. 17 अप्रैल को महानवमी तथा 18 अप्रैल को विजया दशमी की पूजा की जायेगी. विजया दशमी पूजा के पश्चात देर शाम को प्रतिमा विसर्जन किया जायेगा.

मां बासंती दुर्गा पूजा के अंतिम दिन 18 अप्रैल को विजय दशमी के दिन ब्राह्मण समाज के युवकों का सामुहिक उपनयन होगा. मौके पर ब्रम्ह कुमारों को उपनयन संस्कार कराते हुए जनेऊ धारण कराया जायेगा. उपनयन संस्कार में सभी रश्मों को निभाया जायेगा. इसे देखने के लिये भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते है. मालूम हो कि खरसावां में ब्राह्मण समाज की ओर से 1903 से बासंती दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है. भक्त सब कुछ भुला कर माता की आराधना में जुटे हुए है. पूजा के दौरान सप्तशती चंडी पाठ का भी आयोजन किया गया.