जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। कुचाई प्रखंड के छोटाबांडी गांव में आयोजित पत्थलगड़ी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामवासी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभा की परंपराओं और वन अधिकारों के संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि पत्थलगड़ी केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जंगल, जमीन और सामुदायिक अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। शिला स्थापना के माध्यम से ग्राम सभा की भूमिका और पारंपरिक स्वशासन की अवधारणा को दोहराया गया।
जंगल संरक्षण का सामूहिक निर्णय
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने जंगल की देखभाल, संरक्षण और सामुदायिक विरासत की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना आवश्यक है।
सामुदायिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा को कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बताया गया। आयोजन के अंत में ग्रामीणों ने वन क्षेत्र में आग न लगाने, अवैध कटाई रोकने और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का निर्णय लिया।

















