जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। झारखंड विधानसभा में 19 फरवरी 2026 को खरसावां विधायक दशरथ गागराई द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्नों के जवाब में पश्चिमी सिंहभूम जिले से जुड़ी कई योजनाओं की स्थिति स्पष्ट हुई। सवालों में खूंटपानी प्रखंड के ग्राम थोलको में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कार्य और घुमकुड़िया/मानकी-मुंडा भवन योजनाओं की प्रगति को लेकर जानकारी मांगी गई थी।
थोलको आंगनबाड़ी भवन तीन वर्षों से अधूरा
विधायक गागराई ने पूछा कि क्या ग्राम थोलको में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से अधूरा है?
सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण विभागीय एवं मनरेगा अभिसरण मद से स्वीकृत है। प्लीथ स्तर तक कार्य संपन्न हुआ है, लेकिन वर्तमान में निर्माण कार्य बंद है।
हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया कि केंद्र का संचालन किराये के भवन में सुचारु रूप से किया जा रहा है और बच्चों को निर्धारित सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
विभाग ने संबंधित पंचायत के मुखिया और सचिव को चेतावनी देते हुए निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर पूर्ण कराने का निर्देश दिया है। साथ ही, मामले में लापरवाही की आशंका पर ग्रामीण विकास विभाग और उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को जांच कर आवश्यक प्रशासनिक एवं अनुशासनिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
54 घुमकुड़िया/मानकी-मुंडा भवन योजनाओं की स्थिति
विधायक ने यह भी प्रश्न उठाया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्वीकृत 54 घुमकुड़िया/मानकी-मुंडा भवनों में से केवल 7 योजनाएं पूर्ण हुई हैं और भुगतान लंबित रहने से 44 योजनाएं अधूरी हैं।
सरकार ने स्वीकार किया कि कुल 54 योजनाओं में से: 07 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 21 योजनाएं अंतिम चरण में हैं, 16 योजनाएं प्रगति पर हैं, 05 योजनाओं में एकरारनामा लंबित है, 04 योजनाओं में भूमि सत्यापन लंबित है, 01 योजना पुनरावृत्त पाई गई है।
परियोजना निदेशक, आईटीडीए, पश्चिमी सिंहभूम द्वारा बताया गया कि किए गए कार्यों के विरुद्ध बिल भुगतान की प्रक्रिया जारी है और लंबित भुगतान को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक का उद्देश्य: जवाबदेही और पारदर्शिता
विधानसभा में उठाए गए इन प्रश्नों के माध्यम से विधायक दशरथ गागराई ने विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की पहल की है। खरसावां एवं पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र की इन योजनाओं पर अब प्रशासनिक निगरानी और तेज होने की उम्मीद है।

















