खरसावां / Umakant Kar: ईद अल्पसंख्यक समुदाय का पवित्र त्योहार है. रमजान खत्म होते ही खरसावां में खुशनुमा माहौल के बीच ईद-उल-फितर मनाई. लोगों ने मस्जिदों व ईदगाह में ईद की नमाज अदा किया. वही नमाज के बाद सामुहिक रूप से मुसलमानों ने मुल्क की अमन-शांति के लिए अल्लाह से दुआये मांगी. इसके पश्चात गिले-शिकवे भूलकर एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारक बाद दी.
साथ ही एक दुसरे को लच्छे-सेवईया खिलाकर ईद की मुबारक बाद का दौर शुरू हो गया. जश्न-ए-ईद पर खरसावां के दो ईदगाह एवं एक मस्जिदों में नमाज अदा की गई. खुशनुमा माहौल के बीच खरसावां में छाया रहा जश्न-ए-ईद की खुशिया. रमजान के मुबारक महिना के बाद रोजेदारो के लिए खुदा के तोहफा के रूप में मिला ईद खुशिया लेकर आई है. सोमवार को मुसलमान भाईयों ने नए वस्त्र पहन कर नमाज अदा करते हुए अल्लाह ताला से दुआ मांगी. ईद-उल-फितर की दो रेकात नमाज अदा की गई. कदमडीहा ईदगाह, बेहरासाई ईदगाह,मस्जिद निजामुददीन गोढपुर में नमाज पढी। ईद के नमाज के पुर्व ईमामो ने रोजे, जकात, फितरा की जानकारी दी.
वही खुदवा सुन्ने के बाद खुदा से दुआ मांगी गई. इधर महिलाओं ने भी एक दुसरे के घरो में जाकर ईद की मुबारकबाद दी. सेवई,लच्छा, पुलाव, बिरयानी आदि बनाकर लोग दावत लेते देते नजर आये. ईद की वजह से मुस्लिम बहुल इलाके में गुलजार रहा.