खरसावां / Umakant Kar: कुचाई के बिरसा स्टेडियम में कृषि मेला सह मागे मिलन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन खरसावां विधायक दशरथ गागराई व जिला के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने किया. मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि राज्य सरकार भी कृषि के साथ साथ स्थानीय कला, संस्कृति व परंपरा को बढ़ावा दे रही है. मागे पोरोब क्षेत्र की परंपरा व संस्कृति से जुड़ा हुआ है. आदिवासी समाज का प्रकृति से सीधा संबंध है. उपस्थित लोगों से अपनी संस्कृति व परंपरा को बचाने की अपील की.
उन्होंने कृषि मेला व मागे पोरोब के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. डीसी रवि शंकर शुक्ला ने कहा कि किसानों को नये तकनीक अपना कर खेती करने के लिये प्रेरित किया. साथ ही ही कहा कि मागे पोरोब जैसे आयोजनों से सामाजिक समरसता बनी रहती है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और वृहद स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. मागे नृत्य में टेलेंट सुसुन ग्रुप डिबारडीह को प्रथम पुरस्कार
मागे मिलन समारोह में विभिन्न गांवों से पहुंचे नृत्य दलों ने मांदर की थाप पर लय से लय मिलाते हुए नृत्य किया.
इस दौरान उत्कृष्ठ नृत्य का प्रदर्शन करने वाले मागे नृत्य दलों को पुरस्कृत किया गया. सुटेलेंट सुसुन ग्रुप डिबारडीह की टीम को प्रथम पुरस्कार, सरजम बाह दुलुई लुसुई जामदा की मागे नृत्य दल को द्वितीय पुरस्कार,हो समाज सुसार सनागोमगुटी बिडदिरी ग्रुप को तृतीय पुरस्कार दिया गया. इसके अलावे दिशुम रुमुल पुनीबुढ़ी, बुरु मागे पोरोब बांडी, सरना मागे पोरोब कुचाई, आश्रिता ग्रुप कुचाई की टीम को भी पुरस्कृत किया गया. विधायक दशरथ गागराई ने नृत्य मंडलियों के साथ मांदर की थाप पर नृत्य किया. कार्यक्रम के दौरान विधायक दशरथ गागराई व उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया. प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने अपने अपने फसलों की प्रदर्शनी लगाई.
वहीं, विधायक व डीसी ने अलग अलग संकाय के 17 किसानों को कृषि से संबंधित उपकरण दे कर पुरस्कृत किया गया. इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो, बीडीओ साधु चरण देवगम, सीओ सुषमा सोरेन, आत्मा के परियोजिना निदेशक विजय सिंह, बीएओ लिमुनुस हेंब्रम, बीटीएम राजेश कुमार,मुन्ना सोय, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, जिप सदस्य जिंगी हेंब्रम, प्रमुख गुड्डी देवी, मुखिया करम सिंह मुंडा, मंगल सिंह मुंडा, रेखा मनी उरांव, राम सोय, सरस्वती मिंज, लुदरी हेंब्रम, अनूप सिंहदेव, मान सिंह मुंडा आदि उपस्थित थे.