होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
01 (48)
previous arrow
next arrow

 

 

जमशेदपुर के गुड़ाबंधा प्रखंड में बालू तस्करों की चाँदी, सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, आंगनबाड़ी केंद्र नहीं पहुँच पा रहे बच्चें, पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने किया दौरा, सिस्टम पर उठाये सवाल

By Goutam

Published on:

 

---Advertisement---

04
previous arrow
next arrow

जनसंवाद डेस्क: पूर्वी सिंहभूम जिले के नदी के तटीय इलाकों में बालू माफियाओं की सक्रियता सर्वविदित है। बावजूद इसके तस्करों पर राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगते रहे हैं और दिन के उजाले में भी बालू के अवैध उठाव बदस्तूर जारी है। बालू तस्करी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जबरदस्त हमला बोला है। 

शुक्रवार को इस बाबत प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता सह बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने गुड़ाबंधा प्रखंड के केंदुआपाल गाँव का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में बालू तस्करी के खेल का खुलासा किया और राज्य सरकार पर बालू माफियाओं को संरक्षण देने का सीधा सीधा आरोप लगाया। उक्त क्षेत्र में ग्रामीणों की शिकायत को अनसुना करने वाले स्थानीय थाना प्रभारी पर कार्रवाई की भी मांग कुणाल षाडंगी ने उठाया है। 

गुड़ाबंधा प्रखंड के दौरे के क्रम में प्रदेश भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने जिला प्रशासन को कुंदुआपाल गाँव का दौरा करने की चुनौती भी दिया। कुणाल ने कहा की सड़क पर बालू की इतनी मोटी परत जमी है की पैदल अथवा गाड़ियों से भी चल पाना दूभर है। उन्होंने वीडियो जारी करते हुए ग्रामीणों की परेशानी को जिला प्रशासन के सामने रखा और डीसी मंजूनाथ भजंत्री से सवाल किया की यहाँ बालू का अवैध खेल कब बंद होगा। 

उक्त गाँव के एक आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा करते हुए पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने बच्चों की कम उपस्थिति को लेकर संचालिका से सवाल किया तो जवाब चिंताजनक था। बताया गया की पीसीसी सड़क पर बालू की इतनी मोटी परत जम चुके है की चल पाना मुश्किल है। सड़क ढक जाने से छोटे छोटे बच्चें आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं पहुँच पाते हैं। इस मामले को उजागर करते हुए पूर्व विधायक ने सिस्टम पर बड़ा सवाल किया है। 

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बच्चों की शिक्षा न होकर तस्करों को संरक्षण देने में तब्दील हो गई है। जिम्मेदार पदों पर बैठे सरकारी अधिकारियों की अनदेखी और रहस्यमयी चुप्पी का खामियाजा ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को भुगतनी पड़ रही है। कुणाल षाडंगी ने जिले के उपायुक्त और एसएसपी से अविलंब संज्ञान लेकर कार्रवाई का अनुरोध किया है। कहा की मामले को लेकर भाजपा संवेदनशील है। जल्द ही इस आशय में राज्य के मुख्य सचिव से मिलकर माँग पत्र समर्पित की जायेगी। 

धन्यवाद,

 

Leave a Comment