सरायकेला / Balram Panda : खरसावां जिला से शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है, जिले के कई निजी एवं संबद्ध स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी पाई गई है, जिससे बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है.
सूत्रों के अनुसार, कई स्कूलों में न तो आरओ (RO) पानी की व्यवस्था है और न ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध है. छात्र-छात्राएं असुरक्षित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है. वहीं, निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का नामांकन कर नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे पढ़ाई का स्तर भी प्रभावित हो रहा है.
मामले का एक और गंभीर पहलू सामने आया है. जिले के कई स्कूल मुख्य सड़क के बेहद करीब संचालित हो रहे हैं. स्थिति यह है कि स्कूल से महज 10 कदम की दूरी पर ही व्यस्त मैन रोड है, जहां दिनभर हजारों भारी वाहनों का आवागमन होता है. इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा न तो पार्किंग की व्यवस्था की गई है और न ही बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। छुट्टी के समय बच्चों का सीधे सड़क पर आ जाना बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहा है.
इतना ही नहीं, जब संबंधित अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं, तो स्कूल प्रबंधन द्वारा फर्जी रजिस्टर तैयार कर उन्हें गुमराह करने का आरोप भी सामने आया है. इससे पूरी जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय स्तर से भी संबद्धता (Affiliation) के तहत स्कूलों का निरीक्षण किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी और प्रबंधन की मनमानी जारी है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है. अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा के साथ इस तरह का खिलवाड़ चलता रहेगा? जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सख्त कार्रवाई कब की जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.



















