जनसंवाद, जमशेदपुर। 23 मार्च को मनाए जाने वाले शहीद दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद वक्ताओं ने शहीदों के बलिदान और उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि 23 मार्च केवल एक तिथि नहीं, बल्कि यह देश के वीर सपूतों के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से शहीदों के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
वहीं कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि आजादी अनगिनत बलिदानों का परिणाम है और युवाओं का कर्तव्य है कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश के विकास के लिए करें। उन्होंने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
कुलसचिव नागेंद्र सिंह ने कहा कि शहीदों का बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर देश को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिष्ठाता प्रो. नाजिम खान, अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. दिलीप शोम, मुख्य वित्त अधिकारी वाई ज्योति, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोईज़ अशरफ़ सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे और शहीदों के सपनों का भारत बनाने में योगदान देंगे। कार्यक्रम ने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का संदेश दिया।

















