जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। कुचाई प्रखंड मुख्यालय सभागार में शुक्रवार को खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन सांसद प्रतिनिधि मानसिंह मुंडा, बीडीओ साधुचरण देवगम, बीएओ लिबनुस हेंब्रम, बीटीएम राजेश कुमार, बीपीएम रमेश द्विवेदी तथा किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष मंगल सिंह मुंडा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में प्रखंड के सभी किसान मित्र और महिला कृषक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद प्रतिनिधि मानसिंह मुंडा ने कहा कि किसानों के आत्मनिर्भर बनने से प्रखंड, जिला, राज्य और देश समृद्ध होगा। उन्होंने किसानों से केवल जीविकोपार्जन तक सीमित नहीं रहने, बल्कि खेती को आय वृद्धि और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कुचाई प्रखंड के अधिकांश किसान खरीफ फसलों पर निर्भर रहते हैं, जबकि रबी फसलों की खेती अपनाकर आय में बढ़ोतरी की जा सकती है।

वहीं बीडीओ साधुचरण देवगम ने किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विधि से खेती करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को किसानों तक योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।
बीएओ लिबनुस हेंब्रम और बीटीएम राजेश कुमार ने कहा कि प्रखंड के किसान मुख्य रूप से वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं। उन्होंने संभावित अल-नीनो प्रभाव और जलवायु परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा कि बदलते मौसम के कारण खेती की पारंपरिक समय-सारणी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने किसानों को योजनाबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी तथा आधुनिक कृषि तकनीकों और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में किसानों को आगामी खरीफ सीजन में बोई जाने वाली विभिन्न फसलों की जानकारी दी गई। साथ ही परती जमीन में मिलेट फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में जनसेवक कृष्णा महतो, बुंदीराम सोय, बबलू सोय, प्रेमलता महतो, बृहस्पति महतो सहित बड़ी संख्या में किसान मित्र एवं महिला कृषक उपस्थित थे।


















