जनसंवाद, जमशेदपुर। शहर की बदहाल मानगो बस स्टैंड व्यवस्था और वर्षों से लंबित डिमना अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) परियोजना को लेकर जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घोषणाओं और शिलान्यास से नहीं, बल्कि निर्माण कार्य शुरू होने से ही शहरवासियों और यात्रियों को वास्तविक राहत मिलेगी।
सौरभ विष्णु ने कहा कि मानगो बस स्टैंड की क्षमता करीब 150 बसों की है, जबकि प्रतिदिन लगभग 650 बसों का संचालन होता है। क्षमता से कई गुना अधिक बसों के कारण सड़क किनारे लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आए दिन जाम, दुर्घटनाएं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 में 145.24 करोड़ रुपये की लागत से डिमना में आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के निर्माण को सैद्धांतिक और प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी। परियोजना के लिए जुइडको को कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया और हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत पांच मंजिला आधुनिक बस टर्मिनल, 23 बस बे, 18 टिकट काउंटर, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, छात्रावास, भोजनालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं की घोषणा की गई थी।
सौरभ विष्णु ने आरोप लगाया कि मंजूरी, बजट और एजेंसी तय होने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस 13 एकड़ भूमि पर आईएसबीटी बनना है, वहां वर्तमान में नगर निगम द्वारा कचरा डंप किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं तो आखिर परियोजना धरातल पर क्यों नहीं उतर रही है।
उन्होंने मांग की कि आईएसबीटी स्थल से तत्काल कचरा हटाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। साथ ही परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण शुरू होने की तिथि और कार्य पूरा करने की समय-सीमा सार्वजनिक की जाए।
सौरभ विष्णु ने यह भी कहा कि जब तक नया आईएसबीटी तैयार नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान मानगो बस स्टैंड में बसों की पार्किंग, यात्री सुविधाओं और यातायात व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, ताकि शहरवासियों और यात्रियों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके।








