होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
01 (48)
previous arrow
next arrow

 

 

गोलमुरी देबुन बगान में रेलवे भूखंड पर रेल अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा अवैध स्क्रैप टाल, ईडी और रेल मंत्रालय तक पहुंचा मामला, अब होगी जांच, भाजपा नेता अंकित आनंद ने उठाया था मामला

By Goutam

Published on:

 

गोलमुरी देबुन बगान

---Advertisement---

04
previous arrow
next arrow

जनसंवाद, जमशेदपुर: दक्षिण पूर्वी रेलवे चक्रधरपुर डिवीजन के अधिकारियों पर मिलीभगत से गोलमुरी के देबुन बगान में रेलवे भूखंड अतिक्रमण कराकर अवैध स्क्रैप टाल को संरक्षण देने का आरोप लगा है। वहीं अब मामला ईडी और रेल मंत्रालय तक पहुंच गया है और जल्द ही मामले की जांच आरपीएफ की टीम करेगी।

दरअसल भाजपा नेता अंकित आनंद ने इस मामले में गुरुवार देर शाम ट्वीट करते हुए ईडी और रेलवे मंत्रालय तक शिकायत पहुंचाया है। उन्होंने तवीत के माध्यम से मामले का संज्ञान लेकर संलिप्तता की जाँच कराने की माँग उठाई है। वहीं मामला सामने आने के कुछ ही समय बाद दक्षिण पूर्वी रेलवे की आरपीएफ ने चक्रधरपुर डिवीजन की रेलवे पुलिस फ़ोर्स को मामले में त्वरित कार्यवाही का निर्देश जारी किया है।

उधर शिकायतकर्ता भाजपा नेता अंकित आनंद के द्वारा प्रवर्तन निदेशालय और रेल मंत्री अश्विनी वैश्वव से माँग किया कि सीकेपी डीआरएम के नेतृत्व में जाँच दल का गठन कर गोलमुरी के देबुन बगान में अवैध स्क्रैप टाल के विरुद्ध कार्रवाई का माँग उठाया गया था। भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि रेलवे सीकेपी डिवीजन के संपदा विभाग के कुछ अधिकारियों की संलिप्तता और संरक्षण में देबुन बगान में अवैध स्क्रैप टाल संचालित हो रहा है, जो की पूरी तरह से अवैध और गैर कानूनी है।

शिकायत में बताया गया है कि उक्त अवैध स्क्रैप टाल कांग्रेस ओबीसी मोर्चा के नेता दिबेश राज उर्फ़ राजा का है। अवैध स्क्रैप का कारोबार राजा अपने पिताजी देबुन प्रसाद और भाई रौनक एवं कुछ नशेड़ी और आपराधिक किस्म के गुर्गों के साथ करता है। दिबेश राज को अवैध कारोबार में स्थानीय सिदगोड़ा थाना का संरक्षण मिलता है। इधर रेलवे भी अब देबुन बगान के अवैध स्क्रैप टाल के विरुद्ध जाँच शुरू करेगी। 

भाजपा नेता ने कहा की वे फिलहाल रेलवे की जाँच का इंतेज़ार करेंगे। यदि रेलवे की जाँच सही दिशा में नहीं होगी तो वे उचित फोरम पर आपत्ति दर्ज करेंगे। जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय में देबुन बगान में संचालित अवैध स्क्रैप टाल के खिलाफ़ परिवाद दायर करेंगे।

 

Leave a Comment