जनसंवाद, सरायकेला (उमाकांत कर): झारखंड विधानसभा को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए आयोजित प्रबोधन-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में खरसावां विधायक दशरथ गागराई शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बदलते समय के अनुरूप विधायी कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विधानसभा की कार्यसंस्कृति को डिजिटल स्वरूप देने पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्रियों और विधायकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए, जिनके माध्यम से सदन की कार्यवाही, प्रश्नोत्तर, प्रस्ताव, विधेयक तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज डिजिटल रूप में सुलभ होंगे। इस पहल से कागजरहित व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और विधायी कार्यों में तेजी आएगी।
डिजिटल संसाधनों से बढ़ेगी पारदर्शिता
खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने इस पहल को स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि यह राज्य के युवा एवं ऊर्जावान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डिजिटल संसाधनों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाने में सुविधा मिलेगी।
विधायक गागराई ने कहा कि डिजिटल विधानसभा व्यवस्था से सुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। साथ ही जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद अधिक प्रभावी और तेज होगा।
यह पहल झारखंड विधानसभा को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों को सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

















