जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। कुचाई के मानकी मुंडा सभागार में गुरुवार को नगरपालिका अधिनियम-2011 के प्रावधानों के खिलाफ प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का आयोजन कोल्हान प्रमंडल के तत्वावधान में ग्राम सभा मंच कुचाई द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता ग्राम मुंडा सुजन सिंह सोय ने की।
गोष्ठी में अनुसूचित क्षेत्र जिलों में पेशा अधिनियम-1996 लागू क्षेत्र के संदर्भ में संविधान के भाग-9 (पंचायत) और भाग-9(क) (नगरपालिका) के प्रावधानों के विस्तार को असंवैधानिक बताते हुए विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही नगरपालिका अधिनियम-2011 के प्रावधानों को रद्द कराने हेतु विभाग एवं राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपने पर सर्वसम्मति से विचार-विमर्श किया गया।
पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में चुनाव को बताया गैरकानूनी
ग्राम सभा मंच कुचाई के अध्यक्ष सुजन सिंह सोय और मुंडा मानसिंह मुंडा ने कहा कि राज्य के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में दो बार नगरपालिका, नगर निगम और नगर परिषद के चुनाव कराए जा चुके हैं, जो सामान्य भाषा में गैरकानूनी हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के भाग-9(क) का विस्तार संसद द्वारा विधिवत कानून बनाकर नहीं किया गया है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 243 जेड सी का उल्लेख करते हुए कहा कि जब तक संसद में विधायी प्रक्रिया के तहत कानून बनाकर इसे लागू नहीं किया जाता, तब तक पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में नगरपालिका प्रावधानों को लागू करना असंवैधानिक है।
पेशा अधिनियम का दिया उदाहरण
वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत व्यवस्था के विस्तार के लिए संसद द्वारा पंचायती राज विस्तार अधिनियम (PESA) 1996 पारित किया गया, उसी प्रकार नगर निकायों के विस्तार के लिए कोई पृथक कानून पारित नहीं किया गया है। कानून विशेषज्ञों का मत है कि नगर पालिका, नगर निगम एवं नगर परिषद के कार्यक्षेत्र के विस्तार के लिए संसद में कोई विशेष कानून नहीं बनाया गया है। इस आधार पर गोष्ठी में पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में नगरपालिका चुनाव को पूरी तरह असंवैधानिक बताया गया।
कई मानकी-मुंडा रहे उपस्थित
गोष्ठी में लक्ष्मण हेंब्रम, गुरुचरण सरदार, धर्मेंद्र महतो, मांगीलाल सुबरुई, योगेश्वर किस्कु, गोपीनाथ सोय, अशोक कुमार मानकी, राजेंद्र बांदिया, मंडावरी हेंब्रम, सितंबर गुंदुवा, रामलाल समाड, कुंडिया सोय, शिवनाथ मुंडा, डोलू सिंह सरदार, बबलू मुर्मू, वीरेंद्र सोय, कृष्णा सोय, सुखराम सोय, पांडे मुंडा, जगदीश सोरेन, रामकृष्ण सोय, मनोज कुमार मुदुइया, सुखराम मुंडा, मंगल सिंह सोय सहित कई मानकी-मुंडा उपस्थित रहे।

















