आदित्यपुर / Balram Panda : आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड 13 में फैली गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर जनसंवाद 24 में प्रकाशित खबर के बाद निगम प्रशासन हरकत में आया है. खबर के सामने आते ही क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया गया, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी सवालों के घेरे में है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम की कार्रवाई महज औपचारिकता बनकर रह गई है। कई जगहों पर कचरे के ढेर और बजबजाती नालियां अब भी जस की तस बनी हुई हैं, जिससे साफ है कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है. जनता का गुस्सा अब सीधे वार्ड पार्षद और जनप्रतिनिधियों के चुनावी वादों पर फूट रहा है. लोगों का कहना है कि चुनाव से पहले साफ-सफाई, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वर्तमान हालात उन वादों की पोल खोल रहे हैं.

क्षेत्र में फैली गंदगी और दुर्गंध ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बीमारी से पहले ही इस बदबू ने जीना मुश्किल कर दिया है. ऐसे में सवाल सिर्फ सफाई व्यवस्था का नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का भी बनता जा रहा है. वार्ड पार्षद के वादों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती खाई अब खुलकर सामने आ चुकी है. स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि यदि जल्द ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाए गए, तो जनाक्रोश सड़कों पर उतर सकता है.

निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए लोगों ने मांग की है कि दिखावटी सफाई नहीं, बल्कि स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वार्ड 13 की जनता को इस बदहाल स्थिति से राहत मिल सके. अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं या फिर वार्ड 13 की जनता यूं ही गंदगी और अव्यवस्था के बीच जीने को मजबूर रहेगी.

















