होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
01 (48)
previous arrow
next arrow

 

 

जमशेदपुर : हीमोफीलिया जागरूकता की अलख, जमशेदपुर में डॉ. साहिर पॉल के साथ ब्रांड एम्बेसडर तनुश्री बोस का प्रेरक संदेश, “समय पर पहचान ही जीवन रक्षक”…

By Balram Panda

Published on:

 

---Advertisement---

XAVIER PUBLIC SCHOOl
previous arrow
next arrow
04
previous arrow
next arrow

 

जमशेदपुर / Balram Panda : हीमोफीलिया जैसे गंभीर रक्तस्राव संबंधी रोग के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से शहर में एक प्रभावशाली और सार्थक आयोजन किया गया. हेमोफीलिया सोसाइटी, जमशेदपुर चैप्टर की ओर से विश्व हीमोफीलिया दिवस के अवसर पर बिष्टुपुर स्थित द बंगाल क्लब के बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम ने जन-जागरूकता की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया.

कार्यक्रम में जिले के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञ, समाजसेवी और गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही. मुख्य अतिथि के रूप में सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम डॉ. साहिर पॉल ने स्पष्ट कहा कि हीमोफीलिया जैसी बीमारियों में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. उन्होंने समय पर पहचान, नियमित इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता को बेहद जरूरी बताया, साथ ही स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया.

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आदित्यपुर नगर निगम की ब्रांड एम्बेसडर एवं मिसेज इंडिया नेशनल ग्लैम प्राइड 2025 तनुश्री बोस ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा, “जीवन संघर्षों से रुकता नहीं, बल्कि उनसे लड़कर आगे बढ़ता है. हमें खुद को एक प्रेरणा बनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाना होगा.

कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजय कुमार सिन्हा, डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी, डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद एवं समाजसेवी संजय चौधरी ने भी हीमोफीलिया के प्रति जागरूकता, समयबद्ध उपचार और मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को जोरदार तरीके से रखा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अमित मुखर्जी ने की, जबकि आयोजन का सफल संचालन सौमित्रा हाजरा के नेतृत्व में किया गया. इस अवसर पर विशेष आमंत्रित अतिथियों के रूप में सौम्या सेन एवं शांतनु बोस की गरिमामयी उपस्थिति रही. जहां वक्ताओं ने एकमत से कहा कि हीमोफीलिया जैसी बीमारियों को लेकर समाज में फैली अनभिज्ञता को दूर करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए सामूहिक प्रयास, जागरूकता अभियान और सरकारी-सामाजिक सहयोग की जरूरत है, ताकि मरीजों को बेहतर जीवन मिल सके.

वहीं, कार्यक्रम का समापन “हीमोफीलिया मुक्त पीड़ा, बच्चों को मिले सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ हुआ. उपस्थित जनसमूह ने इस आयोजन को न केवल सराहा, बल्कि इसे समाज में जागरूकता की अलख जगाने वाला एक सशक्त और प्रभावी प्रयास बताया.

 

Leave a Comment