होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

Provider 1 Provider 2

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 2-02
previous arrow
next arrow

 

 

जेएनएसी की वैधता पर फिर उठे सवाल: पार्किंग वसूली, टेंडर और राजस्व की उच्चस्तरीय जांच की मांग

By Goutam

Published on:

 

---Advertisement---

sd3
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2026-06-21 at 18.34.08
previous arrow
next arrow

जनसंवाद, जमशेदपुर। शहर की पार्किंग व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने जेएनएसी (जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति) की वैधानिक स्थिति, पार्किंग स्थलों की नीलामी और पार्किंग शुल्क से होने वाले राजस्व को लेकर जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में 30 अप्रैल 2026 को उपायुक्त कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया गया था। साथ ही मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है।

Provider 1 Provider 2

सौरभ विष्णु ने कहा कि वर्ष 1996 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से जेएनएसी की वैधानिक स्थिति को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यदि संस्था की कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं है, तो उसके माध्यम से पार्किंग स्थलों की नीलामी और शुल्क वसूली किस आधार पर की जा रही है, यह सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि पार्किंग शुल्क के रूप में वसूली गई राशि में से कितना राजस्व झारखंड सरकार के खाते में जमा हुआ है तथा उसका पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए।

सौरभ विष्णु का दावा है कि शहर में जेएनएसी के आठ अधिकृत पार्किंग जोन हैं, जबकि टेंडर केवल एक पार्किंग स्थल का हुआ है। इसके बावजूद कई स्थानों पर कथित रूप से निजी व्यक्तियों द्वारा पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने इसे सरकारी राजस्व और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि आम बागान मैदान जेएनएसी की अधिकृत पार्किंग सूची में शामिल नहीं है, फिर भी वहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह अधिकृत पार्किंग स्थल नहीं है तो वहां वसूली किसके आदेश पर हो रही है, राशि किसके पास जा रही है और इसकी जवाबदेही किसकी है।

सौरभ विष्णु ने जिला प्रशासन से मांग की कि जेएनएसी की वैधानिक स्थिति, पार्किंग स्थलों की नीलामी प्रक्रिया, पार्किंग से प्राप्त राजस्व, पिछले वर्षों के आय-व्यय के रिकॉर्ड और सभी पार्किंग जोनों की टेंडर प्रक्रिया की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही सभी कथित अवैध पार्किंग स्थलों पर वसूली तत्काल रोकी जाए, विशेष ऑडिट कराया जाए तथा यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या निजी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

 

---Advertisement--- 

 

Leave a Comment