जनसंवाद, जमशेदपुर: झारखंड की लोक-संस्कृति और परंपराओं को समर्पित भव्य टुसु मेला का आयोजन आगामी 21 जनवरी (बुधवार) को बिष्टुपुर स्थित गोपाल (रीगल) मैदान में किया जाएगा। यह जानकारी झारखंड वासी एकता मंच के मुख्य संयोजक आस्तिक महतो एवं संयोजक सह सांसद बिद्युत बरण महतो ने सोनारी विकास भवन (कारमेल स्कूल के पीछे) में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह टुसु मेला अपने 21वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जिसमें झारखंड के कोल्हान क्षेत्र के अलावा रांची, तमाड़, खूंटी सहित पश्चिम बंगाल और ओड़िशा से भी बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल होंगे। मेला का मुख्य आकर्षण विशाल टुसु प्रतिमा, भव्य चौड़ल, पारंपरिक झुमुर और टुसु गीतों की प्रस्तुति तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंच ने विशेष तैयारी की है। मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, दर्शकों की सुविधा के लिए बड़े आकार का एलईडी स्क्रीन भी लगाया जाएगा। आयोजकों ने मेला परिसर में नशापान एवं नशीली वस्तुओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
आयोजकों ने बताया कि सुबह 10 बजे से टुसु प्रतिमा और चौड़ल की मैदान में एंट्री शुरू होगी। गत वर्ष 350 से अधिक टुसु-चौड़ल पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष इससे भी अधिक संख्या में प्रतिभागियों के आने की उम्मीद है। इस अवसर पर सभी अतिथियों द्वारा मेला का आधिकारिक पोस्टर भी जारी किया गया।
नकद पुरस्कार होंगे मुख्य आकर्षण
मंच के सह संयोजक बबलू महतो एवं सुखदेव महतो ने बताया कि इस वर्ष भी नकद पुरस्कार मेला का प्रमुख आकर्षण होंगे।
टुसु प्रतिमा के लिए कुल 7 पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं—
प्रथम ₹41,000, द्वितीय ₹35,000, तृतीय ₹31,000, चतुर्थ ₹25,000, पंचम ₹20,000, षष्ठ ₹15,000 और सप्तम ₹11,000।
चौड़ल प्रतियोगिता में 4 पुरस्कार—
प्रथम ₹31,000, द्वितीय ₹25,000, तृतीय ₹21,000 और चतुर्थ ₹15,000।
इसके अलावा बूढ़ी गाड़ी नाच में भी चार पुरस्कार दिए जाएंगे—
प्रथम ₹15,000, द्वितीय ₹11,000, तृतीय ₹7,000 और चतुर्थ ₹5,000।
सफल आयोजन हेतु टीम गठित
मेला के सफल संचालन के लिए मंच की युवा टोली को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मैदान के सभी प्रवेश द्वार, प्रतिमा की एंट्री, मंच संचालन और निर्णायक मंडली के समन्वय हेतु अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। आयोजन को सफल बनाने में कमल महतो, विजय महतो, अशोक महतो, नकुल महतो, प्राण राय, मनोज महतो, गोपाल महतो, अशोक सिंह, कैलाश सिंह, राजू बाबा, जगदीश राव, सीनु राव, अनिल सिंह, शुभेंदु भौमिक, बापी नायक, सजल दास सहित कई सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

















