जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): कुचाई प्रखंड क्षेत्र के रूगुडीह पंचायत अंतर्गत सुदूरवर्ती पहाड़ी गांव नीमडीह में ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल सरायकेला-खरसावां द्वारा लगभग ₹1 करोड़ 6 लाख की लागत से बन रही पीसीसी सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता और गुणवत्ताहीन कार्य सामने आया है। मंगलवार को पंचायत के मुखिया करम सिंह मुंडा ने सड़क निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया, जहां स्थिति देखकर वे भड़क उठे और तत्काल कार्य बंद करा दिया।
निरीक्षण के दौरान मुखिया करम सिंह मुंडा ने आरोप लगाया कि विभागीय गाइडलाइन के अनुसार जहां 8 इंच मोटाई में पीसीसी ढलाई होनी चाहिए, वहां संवेदक द्वारा मात्र 4 इंच की ढलाई की जा रही है। इसके साथ ही घटिया किस्म की सीमेंट, गिट्टी और सही अनुपात के बिना सामग्री का उपयोग कर सड़क निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पीसीसी सड़क निर्माण के दौरान पानी छिड़काव और रोलर चलाना अनिवार्य है, लेकिन संवेदक द्वारा इन नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। बिना पानी और बिना रोलर के ही ढलाई कर दी जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुखिया ने यह भी आरोप लगाया कि संवेदक द्वारा मजदूरों को सरकारी दर से काफी कम मजदूरी दी जा रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। पहाड़ी और जंगली क्षेत्र होने का फायदा उठाकर संवेदक जल्दबाजी में लापरवाही से कार्य पूरा करना चाहता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुखिया करम सिंह मुंडा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गुणवत्ताहीन और अनियमित कार्य पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने ग्रामीणों को निर्देश दिया कि विभागीय जांच और संतोषजनक सुधार के बाद ही निर्माण कार्य पुनः शुरू होने दिया जाए। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर उपायुक्त से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान मधुसूदन मुंडा, पांडा मुंडा, मार्शल मुंडा, हिंदू मुंडा, बुद्धू मुंडा, कुंडिया मुंडा, भाव सिंह मुंडा, लुकिन मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।



















