जनसंवाद, जमशेदपुर। हर वर्ष 20 मार्च को मनाए जाने वाले वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे के अवसर पर Dr. Rama Shankar (सीनियर कंसल्टेंट एवं एचओडी, डेंटल) ने कहा कि मुंह का स्वास्थ्य केवल सुंदर मुस्कान तक सीमित नहीं, बल्कि यह पूरे शरीर के स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ा हुआ है।
Tata Main Hospital के मेडिकल सपोर्ट सर्विसेज विभाग से जुड़े डॉ. रामा शंकर ने बताया कि दांतों की सड़न (कैविटी), मसूड़ों की बीमारी और मुंह के संक्रमण जैसी समस्याएं दुनिया में सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि खराब मौखिक स्वास्थ्य का संबंध मधुमेह, हृदय रोग, श्वसन संक्रमण और गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं से भी जुड़ा हुआ है, जो इसे और गंभीर बना देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेरियोडेंटाइटिस (मसूड़ों की गंभीर बीमारी) वयस्कों में दांत गिरने का मुख्य कारण है और यह बढ़ती उम्र की करीब 60% आबादी को प्रभावित करता है। इसके बैक्टीरिया रक्त में जाकर अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।
डॉ. रामा शंकर ने बताया कि खराब ओरल हेल्थ का असर हर आयु वर्ग पर पड़ता है— बच्चों में यह विकास और पढ़ाई को प्रभावित करता है, वयस्कों में कार्य क्षमता घटती है, बुजुर्गों में पोषण और जीवन गुणवत्ता पर असर पड़ता है
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश दंत समस्याएं सरल उपायों से रोकी जा सकती हैं, जैसे— दिन में दो बार ब्रश करना, नियमित फ्लॉसिंग, मीठे खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन, तंबाकू से परहेज, नियमित दंत जांच
टाटा मेन हॉस्पिटल में अत्याधुनिक दंत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां अन्य चिकित्सा विशेषज्ञताओं के साथ समन्वय कर मरीजों का समग्र उपचार किया जाता है। यहां बच्चों के लिए विशेष प्रिवेंटिव डेंटल क्लिनिक भी संचालित है, जिसमें शुरुआती स्तर पर दंत समस्याओं की रोकथाम पर जोर दिया जाता है।
अंत में उन्होंने अपील की कि इस वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे पर सभी लोग मुंह के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, क्योंकि स्वस्थ मुंह ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।



















