आदित्यपुर / Balram Panda: शिक्षा के क्षेत्र में 50 वर्षों की गौरवशाली और प्रेरणादायी यात्रा पूरी करने पर शहर का प्रतिष्ठित इंग्लिश मीडियम संस्थान केसेंट हाई स्कूल अपनी स्वर्ण जयंती (गोल्डन जुबली) भव्य रूप से मनाने जा रहा है. वर्ष 1975 में स्थापित यह विद्यालय आज न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता, बल्कि मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक समरसता का सशक्त प्रतीक बन चुका है.
इस ऐतिहासिक अवसर पर 11 जनवरी को एक्सएलआरआई टाटा ऑडिटोरियम में भव्य समारोह का आयोजन किया गया है, जिसकी शुरुआत शाम 4:30 बजे होगी. कार्यक्रम में नर्सरी से लेकर 10वीं कक्षा तक के लगभग 1000 छात्र-छात्राएं सांस्कृतिक, शैक्षणिक और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे.
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स्थापना से विरासत तक का सफर
केसेंट हाई स्कूल की स्थापना वर्ष 1975 में आजाद नगर, मानगो में उस दौर में की गई थी, जब क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा सीमित थी. विद्यालय की नींव एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ रखी गई थी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और मूल्यनिष्ठ नागरिकों का निर्माण. इस महान उद्देश्य को साकार करने में विद्यालय की शिक्षा-प्रेरक दिवंगत श्रीमती ईवा शमीम, डॉ. शमीम एवं सेलीन अहमद का अतुलनीय योगदान रहा, जिनके समर्पण और दूरदर्शिता ने संस्थान को मजबूत आधार प्रदान किया. वर्तमान में उनके उत्तराधिकारी उसी प्रतिबद्धता और भावना के साथ इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं.
सर्वांगीण विकास की परंपरा
बीते पांच दशकों में विद्यालय ने शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया है. ड्राइंग, निबंध लेखन, अंतर-विद्यालय प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विशेष प्रार्थना सभाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक चेतना का विकास किया गया है.
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि केसेंट हाई स्कूल सामाजिक समानता का जीवंत उदाहरण है, जहां टेंपू चालक से लेकर सरकारी सेवक तक के अभिभावकों के बच्चे एक ही कक्षा में समान अवसरों के साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं.
स्वर्ण जयंती समारोह की विशेषताएं
स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत थीम-आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। नन्हे-मुन्ने बच्चों की कविताएं, मौसमी प्रस्तुतियां, ग्रेसफुल रैंप वॉक, कश्मीरी सूफी नृत्य, अरबी नृत्य, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं पर आधारित सांस्कृतिक झांकियां तथा भारतीय परंपरा और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम विद्यालय की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त रूप से प्रदर्शित करेंगे.
बाईट-
प्रधानाध्यापिका
इस अवसर पर पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं (एलुमनी) को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि वर्तमान विद्यार्थियों को उनके अनुभवों से प्रेरणा, नई सोच और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हो सके. साथ ही अभिभावकों की सहभागिता इस आयोजन को सामुदायिक उत्सव का स्वरूप प्रदान करेगी.
भविष्य की ओर संकल्प
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने कहा कि स्वर्ण जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि अतीत की उपलब्धियों के सम्मान और भविष्य के संकल्प का अवसर है. यह समारोह उस 50 वर्षीय यात्रा का प्रतीक है, जिसमें केसेंट हाई स्कूल ने अपनी सादगीपूर्ण शुरुआत से आगे बढ़ते हुए शिक्षा, संस्कार और उत्कृष्टता का एक सशक्त केंद्र बनने का गौरव प्राप्त किया है.
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि आने वाले वर्षों में भी यह संस्थान युवा मस्तिष्कों को गढ़ने, सपनों को आकार देने और शिक्षा के प्रकाश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाता रहेगा.
बाईट-
चेयरमैन























