आदित्यपुर / Balram Panda : नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-16 स्थित श्रीनाथ यूनिवर्सिटी परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्थित कचरा प्रबंधन व्यवस्था ने स्वच्छता को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, एक ओर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन, “सफाई अपनाओ-बीमारी भगाओ” और “स्वच्छता ही सेवा” जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उच्च शिक्षा के इस प्रमुख संस्थान के परिसर में गंदगी का अंबार चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहा है.
हैरानी की बात यह है कि यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर आदित्यपुर नगर निगम का कूड़ादान भी स्थापित है, बावजूद इसके परिसर के विभिन्न हिस्सों में बिखरा कचरा और गंदगी साफ-सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा है, सवाल यह भी उठ रहा है कि शैक्षणिक परिसर के भीतर नगर निगम का कूड़ादान किस अनुमति और किस व्यवस्था के तहत रखा गया है तथा इसके रखरखाव और नियमित सफाई की जिम्मेदारी किसकी है.
जिस परिसर में छात्र-छात्राओं को स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारियों का पाठ पढ़ाया जाता है, वहीं ऐसा दृश्य न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, बल्कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर भी खतरा पैदा कर रहा है, लगातार गंदगी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर छात्र-छात्राओं के बीच भी असंतोष देखा जा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी प्रबंधन और आदित्यपुर नगर निगम दोनों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, आखिर परिसर में फैली इस नारकीय स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है, यह बड़ा सवाल बन गया है, जिम्मेदार संस्थाएं मौन हैं, जबकि छात्र-छात्राएं बदहाल वातावरण में शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं, अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग और यूनिवर्सिटी प्रबंधन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करें, ताकि शिक्षा के इस केंद्र की पहचान गंदगी नहीं, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण से हो सके.










