जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने और सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कुचाई प्रखंड मुख्यालय परिसर से कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ अगले तीन दिनों तक प्रखंड के विभिन्न पंचायतों और गांवों का भ्रमण कर किसानों को वैज्ञानिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी देगा।
कृषि रथ को विधायक प्रतिनिधि अर्जुन उर्फ नायडू गोप, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, प्रखंड प्रमुख गुड्डी देवी, बीडीओ साधुचरण देवगम, सचिव मुन्ना सोय, एफआईएसी अध्यक्ष मंगल सिंह मुंडा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी लिबनूस हेंब्रम तथा बीटीएम राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि अर्जुन उर्फ नायडू गोप ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन इन योजनाओं की जानकारी हर गांव और हर किसान तक पहुंचना जरूरी है। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ अभियान चलाया जा रहा है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी लिबनूस हेंब्रम ने बताया कि कृषि रथ तीन दिनों तक विभिन्न पंचायतों का भ्रमण करेगा। इस दौरान किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, उन्नत बीजों के चयन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही किसानों की समस्याओं को सुनकर विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक तकनीकी सुझाव भी दिए जाएंगे।
बीडीओ साधुचरण देवगम ने किसानों से अपील की कि वे कृषि रथ के माध्यम से मिलने वाली जानकारी का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती अपनाने से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत भी कम की जा सकती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
प्रखंड प्रमुख गुड्डी देवी ने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों को समय-समय पर नई तकनीकों और वैज्ञानिक जानकारी से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।
कृषि रथ के शुभारंभ के दौरान बड़ी संख्या में किसान, कृषि मित्र, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन्हें आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।








