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सांडेबुरू गांव में बाल विवाह रोकथाम को लेकर विधिक सेवा प्राधिकार का जागरूकता अभियान

By Goutam

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जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के सचिव तौसीफ मेराज के निर्देशानुसार खरसावां प्रखंड क्षेत्र के चिलकु पंचायत अंतर्गत सांडेबुरू गांव में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों और इससे जुड़े अधिकारों की जानकारी देना था।

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जागरूकता सत्र के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि बाल विवाह सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य के लिहाज से बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत घातक है। इसे रोकने के लिए शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, बालिकाओं का सशक्तिकरण और सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। ग्रामीणों को यह भी स्पष्ट रूप से समझाया गया कि विवाह की कानूनी आयु क्या है और उसका पालन करना क्यों अनिवार्य है।

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कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बालिकाओं को स्कूल भेजने, उन्हें शिक्षा और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि किसी भी प्रकार के बाल अधिकार उल्लंघन को रोका जाए।

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जागरूकता अभियान के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और जिला विधिक सेवा प्राधिकार का टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि बाल विवाह, बाल शोषण या किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।

इस अवसर पर डाकेश्वर प्रधान, आलोक कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सहयोग देने का संकल्प लिया।

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