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सोना देवी विश्वविद्यालय घाटशिला में वर्ल्ड रेडियो डे पर चर्चा, ‘रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर छात्रों ने रखे विचार

By Goutam

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जनसंवाद, जमशेदपुर: वर्ल्ड रेडियो डे के अवसर पर सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी तथा स्कूल ऑफ जर्नलिज्म द्वारा संयुक्त रूप से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ‘रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किए।

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चर्चा के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा आधारित तकनीक है, जिसकी पहुंच व्यापक है और जो सूचनाओं को हजारों मील दूर तक तत्काल पहुंचाने में सक्षम है। हालांकि, भावनात्मक जुड़ाव के मामले में यह रेडियो की तरह प्रभावशाली नहीं है। विद्यार्थियों ने कहा कि जनसंचार के माध्यम से एआई आधारित सामग्री तेजी से प्रसारित की जा सकती है, लेकिन श्रोताओं के साथ आत्मीय संबंध स्थापित करना अभी भी एक चुनौती है।

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‘रेडियो जनमानस की आत्मा है’

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स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष पूजा तिवारी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक टूल है, जबकि रेडियो जनमानस की आत्मा है। उन्होंने कहा कि रेडियो सहज और सरल माध्यम है, जो श्रोताओं से गहरा और दीर्घकालिक संबंध स्थापित करता है। जिस प्रकार माता-पिता और शिक्षक आत्मीय संवाद स्थापित करते हैं, उस प्रकार का भावनात्मक जुड़ाव एआई के माध्यम से स्थापित करना अभी संभव नहीं है।

एआई से बन सकते हैं गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम

वहीं स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के विभागाध्यक्ष डॉ. नीलमणि कुमार ने कहा कि रेडियो सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से और अधिक गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से प्रसारित किया जा सकता है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और रेडियो तथा एआई के भविष्य पर अपने विचार व्यक्त किए।

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