जनसंवाद, जमशेदपुर। डी.बी.एम.एस. कदमा हाई स्कूल में शनिवार को ‘डी.बी.एम.एस. संसद 2026’ का आयोजन किया गया। राइटर्स एंड डिबेट क्लब और इलेक्टोरल क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छात्र संसद में विद्यार्थियों ने संसदीय कार्यवाही का अनुकरण करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, तर्कपूर्ण अभिव्यक्ति और संसदीय शिष्टाचार का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।
अध्यक्ष के निर्वाचन से शुरू हुई संसदीय प्रक्रिया
कार्यक्रम की शुरुआत सदन के गठन के साथ हुई। इसमें अध्यक्ष का निर्वाचन, विभिन्न दलों के नेताओं का परिचय, सत्ता पक्ष और विपक्ष की बेंच का परिचय तथा सभी सदस्यों का शपथ ग्रहण कराया गया।
इसके बाद प्रश्नकाल में विद्यार्थियों ने नीतियों, शासन और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल रखे। संबंधित मंत्री की भूमिका निभा रहे विद्यार्थियों ने सदन में इन सवालों के जवाब दिए।
शून्यकाल में उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे
छात्र संसद का प्रमुख आकर्षण शून्यकाल रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण एवं तात्कालिक मुद्दों को सदन के सामने प्रभावी ढंग से रखा।
इसके बाद आयोजित संसदीय वाद-विवाद में विद्यार्थियों ने विषय की समझ, तार्किक क्षमता, वक्तृत्व कौशल और संसदीय मर्यादा का प्रदर्शन किया। छात्रों ने अपने विचारों को स्पष्ट एवं तर्कसंगत तरीके से रखने के साथ अलग-अलग मतों को सम्मानपूर्वक सुनने का अभ्यास भी किया।
लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का मिला अवसर
‘डी.बी.एम.एस. संसद 2026’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को संसदीय कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव देना था। गतिविधि के माध्यम से छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि सदन में प्रश्न कैसे उठाए जाते हैं, विभिन्न मतों पर चर्चा कैसे होती है और संसदीय मर्यादाओं का पालन किस तरह किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।
निर्णायक मंडल में ये शिक्षक रहे शामिल
कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में जूनियर स्कूल की समन्वयक श्रीमती मालिनी अशोक, उप-प्रधानाचार्या श्रीमती एस. शिरीन, हिंदी विभागाध्यक्ष श्रीमती रानी कुमारी और सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष श्रीमती स्मृति शाह शामिल रहीं।
स्कूल प्रबंधन और शिक्षक रहे मौजूद
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति की सचिव अनीता रामकृष्ण, संयुक्त सचिव उषा मालिनी, प्रधानाचार्या गुरप्रीत भामरा, उप-प्रधानाचार्या सुपर्णा राय, समन्वयकगण तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन सत्र और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में पहल
विद्यालय के अनुसार, ‘डी.बी.एम.एस. संसद 2026’ विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक चेतना, आत्मविश्वास, तर्कशीलता, नेतृत्व क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल रही।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को संसदीय प्रक्रियाओं को समझने के साथ भविष्य के जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। “सुना जाए, बदलाव बनें।”

















