जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। झारखंड विधानसभा में खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने खरसावां-रडगांव पथ निर्माण योजना में भूमि अधिग्रहण के आठ वर्ष बाद भी रैयतों को मुआवजा भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया। मामला सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां अंचल अंतर्गत खेलारीसाई, टीनागोडा, टांकोडीह, हरिभंजा, गांगुडीह, हुडांगदा और रायजामा गांवों से जुड़ा है।
आठ वर्षों बाद भी भुगतान लंबित
विधायक ने सदन में बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद संबंधित रैयतों को अब तक मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इस पर सरकार ने तारांकित प्रश्न के उत्तर में स्वीकार किया कि मुआवजा भुगतान की कार्रवाई नोटिस के आधार पर की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि निर्गत नोटिस के बावजूद जिन रैयतों से दावा प्राप्त नहीं हुआ, उनके लिए अंचल कार्यालय खरसावां में 23-24 अप्रैल 2025 तथा 19-20 मई 2025 को विशेष कैंप आयोजित किए गए थे, ताकि आवश्यक दस्तावेज एवं दावा प्राप्त किया जा सके।
अवशेष राशि न्यायालय में जमा करने की प्रक्रिया
सरकार ने यह भी बताया कि जिन पंचाटियों से अब तक दावा प्राप्त नहीं हुआ है, उनके मामले में शेष राशि को माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा में जमा करने की प्रक्रिया की जा रही है।
साथ ही, अंचलाधिकारी सरायकेला-खरसावां को निर्देशित किया गया है कि सभी अवशेष रैयतों से दावा लेकर जिला भूमि अर्जन कार्यालय में उपलब्ध कराया जाए, ताकि भुगतान प्रक्रिया पूरी की जा सके।
विधायक ने मांगी शीघ्र कार्रवाई
विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बाद वर्षों तक मुआवजा लंबित रहना रैयतों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सभी पात्र रैयतों को शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को भी न्याय मिल सके।

















