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खरसावां में उत्कल सम्मेलन में जिला कमेटी की हुई बैठक,राज्य सरकार ओड़िया भाषा के प्रति भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाना दुर्भाग्यपूर्ण: षाडंगी

By Goutam

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सोशल संवाद/खरसावां (रिपोर्ट- उमाकांत कर): खरसावां के सामुदायिक भवन कुमारसाई के सभागार में जिला अध्यक्ष सुमंत मंहाती की अध्यक्षता में उत्कल सम्मेलन जिला कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ओड़िया भाषा को प्राथमिकता शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा से हटाने को लेकर चर्चा किया गया।

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मौके पर जिला परीदर्शक सुशील षाडंगी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओड़िया भाषा के प्रति भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। झारखंड सरकार के द्वारा ओड़िया भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस विषय को लेकर झारखंड के राज्यपाल को एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा शीघ्र ही ओड़िया भाषा भाषा एवं साहित्य की विभिन्न समस्याओं के बारे में अवगत किया जाएगा।

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इसके साथ ही मुख्यमंत्री और जैक बोर्ड के अध्यक्ष से भी भेंट कर समस्याओं के बारे में मांग पत्र दिया जाएगा। इससे पहले पिछले दिन केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा एवं स्थानीय विधायक को विभिन्न विषय के बारे में मांग पत्र दिया गया था।

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इस बैठक में मुख्य रूप से उत्कल सम्मेलन जिला अध्यक्ष सुमंत चंद्र महंती, जिला परीदर्शक सुशील सारंगीषाडंगी, जिला उपाध्यक्ष बिरोजा पत्ती, जिला महासचिव अजय कुमार प्रधान, केंद्र परिषद सदस्य विश्वजीत प्रधान, चंद्रभानु प्रधान, जयजीत षाडंगी, भरत चंद्र मिश्रा, रंजीत मंडल, संजीत प्रधान, राजू मंडल, सपन मंडल, मुना महंती आदि उपस्थित थे।

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