जनसंवाद, जमशेदपुर। जमशेदपुर में सिविल डिफेंस कार्यालय परिसर में सोमवार को आपदा प्रबंधन एवं सिविल डिफेंस के सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक सह अनुमंडल पदाधिकारी अरनव मिश्रा (IAS) ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में जमशेदपुर विमेंस कॉलेज की 71 छात्राएं भाग ले रही हैं। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और बचाव कार्यों के व्यावहारिक ज्ञान से सशक्त बनाना है।

प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषताएं
सिविल डिफेंस का परिचय:
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को सिविल डिफेंस के इतिहास, उद्देश्य, संगठन के मूल सिद्धांत और विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
अग्निशमन प्रशिक्षण:
‘बेसिक फायर’ की अवधारणा, आग का वर्गीकरण, अग्निशामक यंत्रों के प्रकार तथा उन्हें संचालित करने की विधि का प्रायोगिक प्रदर्शन (डेमो) कराया जाएगा।
प्राथमिक चिकित्सा:
छात्राओं को प्राथमिक उपचार, बैंडेज के प्रकार, रक्तस्राव रोकने की तकनीक, सीपीआर (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण, फ्रैक्चर प्रबंधन और पट्टियों के सही उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू:
बाढ़, भूकंप, वज्रपात, हवाई हमले की चेतावनी और भवन ढहने (बिल्डिंग कॉलैप्स) की स्थिति में ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ की प्रक्रिया पर सत्र आयोजित होंगे। युद्धकालीन परिस्थितियों में बचाव के उपायों पर भी जागरूकता दी जाएगी।
अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन
शिविर में भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से अरुण कुमार (चीफ वार्डन), दयाशंकर मिश्रा (डिप्टी चीफ वार्डन), कमलकांत सिन्हा (डिवीजनल वार्डन), जितेंद्र, एन.बी. चटर्जी और मजहरूल बारी शामिल हैं।
शिविर का सफल संचालन सिविल डिफेंस जमशेदपुर के कार्यालय प्रभारी सुरेश प्रसाद द्वारा किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर से छात्राओं में आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होगा।

















