जमशेदपुर / Aman singh : युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से सचेत करने के उद्देश्य से जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में सीनियर सिविल जज सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य, आत्मसम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी पर सीधा हमला करता है. उन्होंने कहा कि सही संगति, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही नशे के विरुद्ध सबसे मजबूत ढाल है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ निरंतर जागरूकता अभियान ही समाज को इस खतरे से बचा सकता है. उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके विनाशकारी परिणामों के प्रति जागरूक करें.
वहीं, मनो चिकित्सक डॉ. महेश हेंब्रम ने कहा कि ड्रग्स न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गहराई से प्रभावित करता है. इसके सेवन से व्यक्ति अवसाद, आक्रामक व्यवहार, चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास की कमी जैसी गंभीर समस्याओं से घिर जाता है, जिससे उसका सामाजिक और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है.
कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल विदेश सिन्हा, डॉ. के.के. शुक्ला, डॉ. संजय कुमार बिरौली सहित अन्य वक्ताओं ने भी युवाओं को कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण से नशे के खतरे से अवगत कराया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. डुमरेन्द्र राजन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दुर्गा ने किया.
इस अवसर पर एनसीसी, एनएसएस एवं जमशेदपुर लॉ कॉलेज के छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया.
























