जनसंवाद, जमशेदपुर। जमशेदपुर वुमेंस यूनिवर्सिटी के जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन विभाग द्वारा विश्व रेडियो दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन सिदगोड़ा परिसर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेडियो के ऐतिहासिक महत्व, उसकी वर्तमान भूमिका तथा युवाओं के लिए उपलब्ध भविष्यगत अवसरों पर विचार-विमर्श करना था।
इस अवसर पर ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) के प्रोग्रामिंग एग्जीक्यूटिव राजीव रंजन तिवारी मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. शालिनी प्रसाद ने उन्हें पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
डिजिटल युग में भी रेडियो प्रासंगिक
अपने संबोधन में राजीव रंजन तिवारी ने रेडियो के विकासक्रम, समाज में उसकी विश्वसनीयता तथा डिजिटल युग में उसकी निरंतर प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलते मीडिया परिदृश्य में भी रेडियो एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है, जो नई पीढ़ी को रचनात्मक अभिव्यक्ति और पेशेवर अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को एंकरिंग से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए और आकाशवाणी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान रेडियो के इतिहास, प्रसारण तकनीक, कंटेंट निर्माण तथा मीडिया क्षेत्र में करियर संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
13 फरवरी को मनाया जाता है विश्व रेडियो दिवस
उल्लेखनीय है कि विश्व रेडियो दिवस प्रतिवर्ष 13 फरवरी को मनाया जाता है, किंतु शैक्षणिक गतिविधियों के क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा इसका आयोजन 17 फरवरी को किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, विद्यार्थी तथा मीडिया क्षेत्र में रुचि रखने वाले प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

















