जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): खरसावां स्थित मां आकर्षणी पीठ परिसर में सोमवार को हो जनजाति का प्रमुख पारंपरिक पर्व बुरु मागे पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। 300 फीट ऊंची आकर्षणी पहाड़ी पर स्थित माता की शक्ति पीठ पर दिउरी नारायण सरदार ने सहयोगी जयसिंह सरदार और अगस्ती सरदार के साथ पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बुरु मागे अनुष्ठान संपन्न कराया।

इस पावन अवसर पर खरसावां विधायक दशरथ गागराई, समाजसेवी बासंती गागराई तथा पूर्व विधायक मंगल सोय विशेष रूप से उपस्थित रहे। विधायक दशरथ गागराई ने मां आकर्षणी की पीठ पर माथा टेककर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा के पश्चात दामा-दुमंग, मांदर और नगाड़ों की गूंज के बीच पारंपरिक मागे नृत्य का आयोजन हुआ। विधायक दशरथ गागराई स्वयं मांदर और नगाड़े की थाप देते हुए स्थानीय लोगों के साथ नृत्य में शामिल हुए, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव और उल्लास भर गया।
देर शाम तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन में बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुषों ने भाग लिया। विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि बुरु मागे पर्व हो समुदाय का नववर्ष और उनकी संस्कृति, प्रकृति तथा नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व मानव उत्पत्ति, प्रकृति से जुड़ाव और आदिम परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व झारखंड की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाते हैं।


















