जनसंवाद, चांडिल। नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
गांधी जी के सत्य और अहिंसा के विचारों पर चर्चा
कार्यक्रम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।
जटाशंकर पांडेय ने कहा कि महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने सत्य और अहिंसा को अपना प्रमुख हथियार बनाकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया। चंपारण सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि गांधी जी ने स्वच्छता, सामाजिक समानता, आत्मनिर्भरता और गरीबों के कल्याण के लिए भी लोगों को प्रेरित किया।
शास्त्री जी के जीवन से सादगी और देशसेवा की सीख
लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए जटाशंकर पांडेय ने कहा कि उनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। वे सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और देशभक्ति के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और स्वतंत्रता के बाद देश के महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। वर्ष 1964 में वे देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की एकता, खाद्य सुरक्षा तथा किसानों और जवानों के सम्मान पर विशेष जोर दिया। उनका प्रसिद्ध नारा “जय जवान, जय किसान” आज भी प्रेरणा देता है।
युवाओं से राष्ट्रसेवा की भावना अपनाने की अपील
जटाशंकर पांडेय ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन त्याग, सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवा पीढ़ी से दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर अनुशासन, ईमानदारी, मेहनत और राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
संस्थान परिवार ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य जयदीप पांडेय, शांति राम महतो, भगत लाल तेली, प्रकाश महतो, देवाशीष मंडल, पवन महतो, शशिप्रकाश महतो, अजय मंडल, कृष्णा पद महतो, लक्ष्मी महतो, निकिता गोराई सहित कर्मचारी और प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

















