जनसंवाद, जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में देश के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की 138वीं जयंती, जिसे प्रतिवर्ष राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है, के अवसर पर गणित विभाग द्वारा एक विशेष शैक्षणिक और बौद्धिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक नवाचार, तार्किक चिंतन और राष्ट्र निर्माण में गणित की भूमिका को रेखांकित करना रहा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति मदन मोहन सिंह मुख्य अतिथि एवं कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विज्ञान विभागों के संकाय सदस्य, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एक जीवंत शैक्षणिक उत्सव में परिवर्तित हो गया।
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. स्वरूप कुईला के स्वागत वक्तव्य से हुई। इसके पश्चात अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। दूसरे सत्र में आईआईटी मुंबई से आमंत्रित पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो डॉ. राकेश जेना ने गणित के विभिन्न आयामों और उनके आधुनिक अनुप्रयोगों पर प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके बाद महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जीवन और योगदान पर आधारित एक प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विज्ञान विभागों के विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और संकेत खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिनका उद्देश्य विश्लेषणात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमता और सहयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा देना था। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने गणित और वैज्ञानिक विषयों के प्रति उनकी गहरी रुचि को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
सभा को संबोधित करते हुए कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि “गणित तर्क और नवाचार की भाषा है। प्रत्येक वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति गणित की मजबूत समझ पर आधारित होती है। छात्रों को गणित को भय नहीं, बल्कि सशक्तिकरण का माध्यम मानना चाहिए।” उन्होंने गणित विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर ऐसे आयोजन करता रहेगा।
वहीं कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि राष्ट्रीय गणित दिवस युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने अंतर्विषयक अधिगम और शैक्षणिक खेलों को आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
कार्यक्रम का समापन विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. स्वरूप कुईला ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कुलसचिव नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक मोईज़ अशरफ, प्रशासनिक अधिकारी नाजिम खान सहित विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, संकाय सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह आयोजन गणितीय और वैज्ञानिक अधिगम को बढ़ावा देने की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
























