आदित्यपुर / Balram Panda: जागृति मैदान को लेकर जारी विवाद के बीच अब जनसमर्थन खुलकर प्रेस क्लब के अध्यक्ष एवं आदित्यपुर क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष मनमोहन सिंह के पक्ष में मजबूती से खड़ा नजर आने लगा है. प्रस्तावित नगर निगम भवन निर्माण के विरोध में क्षेत्र के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए मैदान बचाओ अभियान को तेज कर दिया है.
मनमोहन सिंह ने साफ और मुखर शब्दों में कहा कि जागृति मैदान किसी एक वार्ड की संपत्ति नहीं, बल्कि वार्ड 27, 28, 29 और 30 के हजारों नागरिकों की साझा धरोहर है. उन्होंने दो टूक कहा कि इस ऐतिहासिक मैदान पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य जनभावनाओं के खिलाफ होगा, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
उन्होंने “विकास” के नाम पर मैदान की पहचान मिटाने की कोशिश को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि बिना स्थानीय नागरिकों की सहमति कोई भी निर्णय थोपना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है.
30 अप्रैल को प्रस्तावित वार्ड सभा को लेकर उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उस दिन हजारों की संख्या में लोग जुटकर यह स्पष्ट संदेश देंगे कि जागृति मैदान को बचाने के लिए जनता पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकार, खेल संस्कृति और सामाजिक पहचान की रक्षा का संघर्ष है.
उन्होंने आगे कहा कि जागृति मैदान वर्षों से खेल गतिविधियों और सामाजिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां से कई प्रतिभाएं उभरकर सामने आई हैं. ऐसे में इस मैदान को समाप्त कर किसी भवन का निर्माण करना दूरदर्शिता नहीं, बल्कि क्षेत्रीय हितों के साथ सीधा खिलवाड़ है.
वहीं, कटाक्ष भरे लहजे में मनमोहन सिंह ने चुनौती देते हुए कहा— “वार्ड 30 के पार्षद 1000 लोगों की जनसभा कहां करेंगे, स्थान बताएं, मैं उसी जगह अपने समर्थकों के साथ जनसैलाब लेकर पहुंचूंगा और जनता की असली ताकत दिखाऊंगा.
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी कर कोई निर्णय लिया गया, तो इसका पुरजोर लोकतांत्रिक विरोध होगा. उन्होंने कहा कि अब जनता जागरूक है और अपने हक व अधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है.

















