जनसंवाद, जमशेदपुर/घाटशिला: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर Sona Devi University के फार्मेसी विभाग द्वारा एक भव्य, प्रेरणादायक एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “Pharmacist as a Pillar of Republic” रखी गई, जिसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में फार्मासिस्टों की भूमिका, सामाजिक दायित्व और संविधान के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान की भावना, राष्ट्रप्रेम और लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ हुआ। मंच संचालन संदीप कुमार एवं मेघा दास ने अनुशासित, सजीव एवं प्रभावशाली ढंग से किया, जिससे कार्यक्रम पूरे समय दर्शकों को बांधे रहा।
कार्यक्रम के दौरान छात्रा कृतिका बाल्मीकि ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व, भारतीय संविधान की गरिमा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे। इसके पश्चात मौसमी कुमारी ने राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण नृत्य प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
सांस्कृतिक क्रम में बालेश्वरी मंडी ने “गणतंत्र दिवस” विषय पर कविता पाठ कर स्वतंत्रता, संविधान और लोकतंत्र की आत्मा को शब्दों में जीवंत किया। वहीं शारदा रानी ने देशभक्ति गीत पर भावपूर्ण स्लो डांस की प्रस्तुति देकर देश के प्रति समर्पण और सम्मान को कलात्मक रूप में अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के वैचारिक सत्र में छात्रा दीपा कुमारी ने संविधान, नागरिक कर्तव्यों और युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके बाद मेघा दास, शारदा रानी एवं नेहा ठाकुल ने राष्ट्रभक्ति पर आधारित नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक एकता, अनुशासन और देशभक्ति का सशक्त संदेश दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की कड़ी में रिया एंड ग्रुप द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत ने पूरे वातावरण को देशप्रेम से सराबोर कर दिया। इसके साथ ही बैचलर ऑफ फार्मेसी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य ने दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।
इस अवसर पर सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं।
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि छात्रों में संविधान के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक प्रतिबद्धता विकसित करना भी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि गणतंत्र दिवस संविधान की शक्ति, लोकतंत्र की गरिमा और नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाने वाला पर्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए। उन्होंने किताबी ज्ञान के साथ सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा को भी राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक बताया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

























