सरायकेला / Balram Panda : खरसावां जिले में उपायुक्त के निर्देश पर कांड्रा, गम्हरिया और आदित्यपुर क्षेत्र में चलाए जा रहे अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर छोटे दुकानदारों में भारी रोष व्याप्त है, खासकर आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या-12 के सालडीह आशियाना रोड किनारे स्थित दुकानदारों में प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.
जानकारी के अनुसार आदित्यपुर नगर निगम द्वारा विजिलेंस वैन के माध्यम से माइकिंग कर दुकानदारों को दुकान खाली करने का निर्देश दिया गया. साथ ही दुकानों में नोटिस चिपकाकर निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी भी दी गई है.
कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वर्षों से वे सड़क किनारे छोटी-छोटी दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा उन्हें वेंडर जोन की रसीद भी जारी की गई है, इसके बावजूद अब उन्हें हटाया जा रहा है. दुकानदारों ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम ने खुद वेंडर जोन की अनुमति दी है, तो फिर अचानक उन्हें अवैध बताकर उजाड़ने की कार्रवाई क्यों की जा रही है.
दुकानदारों ने कहा कि उनकी रोजी-रोटी पूरी तरह इन दुकानों पर निर्भर है, यदि प्रशासन बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानें हटा देता है तो उनके परिवार भूखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे. कई दुकानदारों ने कहा कि वे गरीब और मेहनतकश तबके से आते हैं, जिनके पास रोजगार का कोई दूसरा साधन नहीं है.
वहीं वार्ड-12 के लोकप्रिय पार्षद मोतीलाल बिसुई ने भी प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए गरीब दुकानदारों के पक्ष में आवाज बुलंद की. उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले प्रभावित दुकानदारों के लिए स्थायी स्थान और समुचित पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई करनी चाहिए.
पार्षद ने कहा कि गरीबों की रोजी-रोटी छीनकर शहर को व्यवस्थित करने का प्रयास मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं कहा जा सकता. उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाने की अपील करते हुए कहा कि यदि बिना पुनर्वास गरीब दुकानदारों को हटाया गया तो जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा.


















