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आदित्यपुर : प्रभात पार्क अतिक्रमण कार्रवाई पर भड़की सियासत, पूर्व पार्षद रंजन सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन पर कथित टिप्पणी को लेकर जताई कड़ी आपत्ति, वार्ड-17 और 18 के जनप्रतिनिधियों के बीच छिड़ा जुबानी संग्राम…

By Balram Panda

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आदित्यपुर / Balram Panda : नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-17 स्थित प्रभात पार्क के समीप शुक्रवार को सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई देखते ही देखते राजनीतिक टकराव में बदल गई, बुलडोजर की कार्रवाई के बीच वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक, दुकानदारों के विरोध और बाद में पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन को लेकर दिए गए बयानों ने पूरे मामले को नया राजनीतिक रंग दे दिया.

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नगर निगम की टीम उपनगर आयुक्त पारुल सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ प्रभात पार्क पहुंची और सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान लगभग 10 से 15 दुकानों को ध्वस्त किया गया, जबकि कई दुकानदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई की सूचना मिलते ही स्वयं अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और भारी संख्या में लोग मौके पर जुट गए.

कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों ने नगर निगम पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि वे मूल रूप से वार्ड-18 के निवासी हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, उनका कहना था कि वार्ड-17 में व्यवसाय करने को लेकर उन्हें राजनीतिक द्वेष का सामना करना पड़ रहा है तथा यह कार्रवाई कानून से अधिक राजनीतिक दबाव का परिणाम प्रतीत होती है, दुकानदारों ने दावा किया कि इससे कई गरीब परिवारों की आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो गया है.

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इसी दौरान दुकानदारों के समर्थन में पहुंचे वार्ड-18 के पूर्व पार्षद रंजन सिंह और वार्ड-17 की वर्तमान पार्षद नीतू शर्मा आमने-सामने आ गए, दोनों के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का दौर काफी देर तक चलता रहा, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, हालात बिगड़ते देख उपनगर आयुक्त पारुल सिंह को हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराना पड़ा, जिसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की.

नगर निगम प्रशासन ने सभी राजनीतिक आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि प्रभात पार्क के आसपास की सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था, संबंधित दुकानदारों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जमीन खाली नहीं की गई, इसके बाद नियमानुसार बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया, निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी बिना किसी दबाव और बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगा.

इधर, मामले ने नया मोड़ तब ले लिया जब वार्ड-18 के पूर्व पार्षद रंजन सिंह ने प्रेस वार्ता कर वार्ड-17 की पार्षद नीतू शर्मा पर तीखा हमला बोला, उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण विरोध के दौरान दुकानदारों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया और पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के संबंध में भी अनुचित टिप्पणियां की गईं.

रंजन सिंह ने कहा कि चम्पाई सोरेन ने मुख्यमंत्री रहते हुए आदित्यपुर क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और वार्ड-17 सहित कई इलाकों में सड़क निर्माण योजनाओं को स्वीकृति दिलाई, उन्होंने दावा किया कि आज क्षेत्र में दिखाई देने वाली अधिकांश पक्की सड़कों का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री की पहल को जाता है, ऐसे में उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना न केवल अनुचित बल्कि निंदनीय भी है, उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और जनभावनाओं का सम्मान बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है.

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अब भी असंतोष का माहौल बना हुआ है. जिन दुकानदारों की दुकानें हटाई गई हैं, उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, वहीं दूसरी ओर यह पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक सख्ती, स्थानीय राजनीति और गरीब व्यवसायियों के हितों के बीच संतुलन को लेकर कई नए सवाल खड़े कर रहा है, आने वाले दिनों में यह मुद्दा स्थानीय राजनीति में और अधिक गर्माने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता.

 

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