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कुचाई में GPDP पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, पंचायत प्रतिनिधियों को विकास योजना बनाने की दी गई जानकारी

By Goutam

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कुचाई जीपीडीपी प्रशिक्षण

जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर) : कुचाई प्रखंड मुख्यालय में पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार के तत्वावधान में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सहजकर्ता दल का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, जल सहिया, रोजगार सेवक एवं सहजकर्ताओं ने भाग लिया।

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GPDP की प्रक्रिया और योजनाओं पर दिया गया प्रशिक्षण

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प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर पंकज कुंभकार एवं श्याम मुर्मू ने प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), एलएसडीजी (LSDG), क्वालिटी जीपीडीपी, VB-G RAM-G, स्वच्छ भारत मिशन, महिला एवं बाल ग्राम सभा तथा महिला सभा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना ग्रामीण विकास की आधारशिला है, जिसके माध्यम से गांवों की जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार और लागू की जाती हैं।

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10 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

प्रशिक्षण में पोंडाकाटा, तिलोपदा, बंदोलोहर, अरूवां, मरांगहातु, छोटासेगोई, रूगुडीह, रोलाहातु, गोमियाडीह और बारूहातु पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, जल सहिया और सहजकर्ताओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों को संसाधन मानचित्रण, ग्राम सभा की भूमिका, पंचायत स्तरीय आवश्यकताओं के आकलन तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के समन्वय की जानकारी दी गई।

जनभागीदारी से बनेगी प्रभावी विकास योजना

मास्टर ट्रेनरों ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना का उद्देश्य स्थानीय संसाधनों और ग्रामीणों की जरूरतों के आधार पर योजनाएं तैयार करना है। इसके लिए ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और विकास योजनाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

समूह चर्चा और व्यवहारिक अभ्यास भी कराया गया

प्रशिक्षण के दौरान समूह चर्चा, प्रस्तुतीकरण और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को जीपीडीपी तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने, सामाजिक एवं आर्थिक जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का चयन तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण को बताया उपयोगी

प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे पंचायत विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों की क्षमता बढ़ेगी तथा वे अपने क्षेत्रों में योजनाओं का बेहतर संचालन कर सकेंगे।

ये रहे उपस्थित 

कार्यक्रम में बीपीओ रेशमी लामाय, मास्टर ट्रेनर पंकज कुंभकार, श्याम मुर्मू, मुखिया करम सिंह मुंडा, राम सोय, अनुराधा उरांव, लुदरी हेंब्रम, मंगल सिंह मुंडा, शास्त्री सांगा, रेखामनी उरांव, सरस्वती मींज, भीमसेन गागराई, पंचायत सचिव सुरेश प्रसाद महतो, हरे कृष्ण प्रधान, बुद्धेश्वर सिंह, फुलमनी सोरेन, अंजु कर्णा सहित सभी पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, वार्ड सदस्य, जल सहिया और सहजकर्ता उपस्थित रहे।

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