जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 26वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), रांची के तत्वावधान में ए-समवाय जम्बरो द्वारा बुरुहातु (कोमाय) गांव में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। कमांडेंट शाश्वत कुमार (IPS) के दिशा-निर्देश पर आयोजित यह शिविर नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत लगाया गया।
210 पशुओं का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर में पशु चिकित्सक डॉ. कुमार सिसोदिया और उनकी टीम ने ग्रामीणों के पशुओं की स्वास्थ्य जांच की। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने पशुओं के साथ पहुंचे और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिकित्सकों से परामर्श लिया।
इस दौरान कुल 210 पशुओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें गाय, बैल, बकरी सहित अन्य पालतू पशु शामिल रहे। जांच के दौरान बीमार पशुओं को आवश्यक उपचार दिया गया और जरूरत के अनुसार निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
पशुपालकों को बीमारी से बचाव के बताए उपाय
पशु चिकित्सकों ने ग्रामीणों को पशुओं की बेहतर देखभाल, संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण और साफ-सफाई के महत्व की जानकारी दी। इसके अलावा मौसमी बीमारियों से पशुओं को बचाने के उपाय भी बताए गए।
चिकित्सकों ने कहा कि समय-समय पर पशुओं की स्वास्थ्य जांच कराने से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और रोकथाम की जा सकती है। इससे पशुओं की सेहत के साथ उनकी उत्पादकता में भी सुधार होता है।
SSB ने बताया पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
शिविर के दौरान SSB के अधिकारियों और जवानों ने ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार अपनी आजीविका के लिए पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में पशुओं का स्वस्थ रहना ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति से सीधे जुड़ा हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत समय-समय पर इस तरह के शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ सलाह का लाभ मिल सके।
ग्रामीणों ने SSB की पहल की सराहना की
निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर को लेकर ग्रामीणों ने 26वीं वाहिनी SSB रांची और ए-समवाय जम्बरो का आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे शिविरों से उन्हें अपने पशुओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह और उपचार बिना किसी खर्च के मिल जाता है।
शिविर को सफल बनाने में SSB के अधिकारियों और जवानों, पशु चिकित्सा टीम तथा ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
















