जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): कुचाई प्रखंड मुख्यालय सभागार में बुधवार को VB-G-Ram-G योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रखंड क्षेत्र के सभी मुखिया, पंचायत सचिव, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और रोजगार सेवक शामिल हुए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर योजनाओं के चयन, ग्राम सभा की भूमिका और पेशा अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देना था।
ग्राम सभा के माध्यम से होगा योजनाओं का चयन
प्रशिक्षण के दौरान बीपीओ रेशमी लामाय ने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को योजना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि VB-G-Ram-G योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का चयन करना है।
उन्होंने कहा कि योजना में ग्राम सभा की सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। पंचायत स्तर पर ग्राम सभाओं के माध्यम से विकास कार्यों की पहचान और चयन किया जाएगा।
PESA के तहत ग्राम सभा को विशेष अधिकार
रेशमी लामाय ने पेशा अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को विशेष अधिकार प्राप्त हैं। विकास योजनाओं के चयन में ग्राम सभा की सहमति और सहभागिता महत्वपूर्ण है। इससे योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार विकास कार्य किए जा सकेंगे।
13 और 14 अगस्त को पंचायतों में होगा विशेष कार्यक्रम
प्रशिक्षण में बताया गया कि 13 और 14 अगस्त को सभी पंचायतों में विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में ग्राम सभा के माध्यम से पंचायत क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं का चयन किया जाएगा।
चयनित योजनाओं को पंचायत की कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत कर पारित कराया जाएगा। इसके बाद योजनाओं को लेकर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों को योजना के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी गई। सहायक अभियंताओं और कनीय अभियंताओं को तकनीकी मानकों, कार्यान्वयन प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न बिंदुओं पर सवाल भी रखे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
लेबर बजट में 125 कार्य दिवस समेत कई प्रावधानों की जानकारी
प्रशिक्षण में लेबर बजट की तैयारी, कार्य दिवस को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, मजदूरों के लिए रेस्ट से जुड़ी योजनाओं के चयन और जल सुरक्षा से संबंधित योजनाओं में 30 प्रतिशत प्रावधान जैसे विभिन्न बिंदुओं पर भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि योजना के सफल संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभागीय कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। ग्राम सभा के माध्यम से योजनाओं के चयन से विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
ये रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीपीओ रेशमी लामाय, सहायक अभियंता गणेश महतो, कनीय अभियंता राहुल कुमार यादव, रेशमी बोदरा, मुखिया करम सिंह मुंडा, लुदरी हेंब्रम, सरस्वती मिंज, देवचरण हाईबुरू, सात्री सांगा, पंचायत सचिव हरे कृष्ण प्रधान, अंजू वर्ण, राजकिशोर सोय, दिलवर कुमार, नंदलाल गोप, विकास गोप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

















