जनसंवाद, जमशेदपुर : सोना देवी विश्वविद्यालय में आयोजित फ्रेशर्स वीक 2026 का समापन हुआ। अंतिम दिन माउंट आबू से आए ब्रह्माकुमारी संस्था के भाई बीके कमल ने विद्यार्थियों को तनावमुक्त और खुशहाल जीवन जीने के तरीके बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, सकारात्मक सोच और भावनाओं को नियंत्रित करने के साथ-साथ तनाव से निपटने के विभिन्न अभ्यास भी कराए।
बीके कमल बोले- खुशहाल जीवन के लिए कृतज्ञता जरूरी
भाई बीके कमल ने कहा कि जीवन में खुशहाली के लिए कृतज्ञता की भावना का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक तरीके से सामना करने के गुर बताए।
उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से वे लोगों को मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने और शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। विद्यार्थियों को भी अपने मन को मजबूत बनाकर तनाव और नकारात्मकता से बचने की जरूरत है।
ओवरथिंकिंग से बचने और वर्तमान पर ध्यान देने की सलाह
बीके कमल ने विद्यार्थियों को ओवरथिंकिंग से बचने की सलाह दी। मन और शरीर के संबंध को समझाते हुए उन्होंने कहा कि जब मन दूषित या नकारात्मक विचारों से प्रभावित होता है तो उसका असर शरीर पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से बीती बातों को बार-बार सोचने के बजाय वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। तनाव से बचने के लिए उन्होंने एक समय में एक ही काम करने की सलाह दी।
मोबाइल एडिक्शन से बचने पर दिया जोर
उन्होंने विद्यार्थियों को एकाग्रता बढ़ाने और मोबाइल फोन की लत से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गैरजरूरी बातों पर ध्यान देने के बजाय अपनी भावनाओं और संवेगों को समझकर प्रतिक्रिया करनी चाहिए।
बीके कमल ने कहा कि व्यक्ति को अपने मन को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि मजबूत मन तनावपूर्ण परिस्थितियों से निपटने में मदद करता है।
एंग्जायटी, डिप्रेशन और स्ट्रेस के लक्षण बताए
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एंग्जायटी, डिप्रेशन, स्ट्रेस और क्रोध से जुड़े सामान्य लक्षणों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही इनसे बचने के लिए व्यावहारिक तरीके भी बताए गए।
उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहने के लिए सुबह की दिनचर्या से जुड़े कुछ अभ्यास कराए। उन्होंने कहा कि खुशहाल रहने के लिए व्यक्ति को स्वयं पर ध्यान देना जरूरी है।
काम के बीच छोटा ब्रेक लेने की सलाह
बीके कमल ने विद्यार्थियों को कार्य के दौरान बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेने और उस दौरान अपना ध्यान वर्तमान क्षण पर केंद्रित करने की सीख दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी अभ्यास कराया कि रात को सोने से पहले ग्रेटिट्यूड मेडिटेशन किस तरह किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिनभर की अच्छी चीजों के प्रति कृतज्ञता की भावना मन को सकारात्मक बनाने में मदद करती है।
बीके संजू बहन बोलीं- नजरिया तय करता है चुनौती का असर
कदमा से आईं ब्रह्माकुमारी संजू बहन ने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में चुनौतियां आती हैं। इन चुनौतियों को हम किस रूप में देखते हैं, यह हमारे नजरिए पर निर्भर करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन की परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया।
फ्रेशर्स वीक के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और वातावरण से परिचित कराने के साथ व्यक्तित्व विकास एवं जीवन कौशल से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।



































