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डेंगू पर टाटा स्टील UISL की सख्ती: 4.18 लाख घरों की जांच, 23 हजार से अधिक मच्छर प्रजनन स्थल नष्ट

By Goutam

Published on:

 

टाटा स्टील UISL डेंगू रोकथाम अभियान
 

जनसंवाद, जमशेदपुर : डेंगू की रोकथाम को लेकर टाटा स्टील UISL ने इस सीजन में व्यापक अभियान चलाया है। कंपनी की मैदानी टीमों ने निगरानी और जनभागीदारी के जरिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को चिन्हित कर उन्हें नष्ट करने पर जोर दिया। अभियान के तहत अब तक 4.18 लाख से अधिक घरों का निरीक्षण किया गया और 23,117 मच्छर प्रजनन स्रोत पहचानकर नष्ट किए गए।

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12 हजार से ज्यादा प्रजनन स्थल घरों के अंदर मिले

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अभियान के दौरान चिन्हित किए गए 23,117 प्रजनन स्रोतों में से 12,342 घरों के भीतर पाए गए। इसके बाद अधिकारियों ने लोगों से घरों के अंदर और आसपास जमा पानी की नियमित जांच करने की अपील की है।

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अधिकारियों के मुताबिक डेंगू की रोकथाम में घरेलू स्तर पर सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है। गमले, पुराने बर्तन, टायर, कूलर और ऐसी अन्य जगहों पर जमा साफ पानी भी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकता है।

86 स्कूलों में नुक्कड़ नाटक, 27 में लार्वा प्रदर्शन

जागरूकता अभियान के तहत #PaltiMaar3 पहल को भी प्रमुखता दी गई। इसके तहत 86 स्कूलों में नुक्कड़ नाटक और 27 स्कूलों में लार्वा प्रदर्शन आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की पहचान करने और उन्हें खत्म करने के तरीके बताए गए।

85 शिक्षण संस्थानों में निगरानी

अभियान के दौरान 85 शैक्षणिक संस्थानों में विशेष निगरानी रखी गई। इसके अलावा विभिन्न सोसायटियों में 57 ढोल-नगाड़ों वाली जागरूकता रैलियां निकाली गईं। जमा पानी वाले कचरे को हटाने और लोगों को जागरूक करने के लिए दो विशेष वाहन भी लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

लार्वा मिलने पर 2,189 परिसरों की रिपोर्ट JNAC को

डेंगू रोकथाम के तहत प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज की गई है। मच्छरों के लार्वा मिलने पर 2,189 परिसरों की रिपोर्ट जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) को भेजी गई।

वहीं, 1,677 मकान मालिकों को व्यक्तिगत नोटिस जारी कर अपने परिसर को साफ और पानी से मुक्त रखने का निर्देश दिया गया।

जिले में अब तक डेंगू के छह मामले

अभियान के अनुसार, पूरे जिले में अब तक डेंगू के छह मामले सामने आए हैं। इनमें से टाटा स्टील UISL के सेवा क्षेत्र में दो स्थानीय मामले दर्ज किए गए हैं।

अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घर और आसपास के इलाकों की नियमित जांच करें। डेंगू से बचाव के लिए पानी जमा नहीं होने देना और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समय रहते खत्म करना जरूरी है।

“डेंगू से बचाव की शुरुआत घर से”

टाटा स्टील UISL की ओर से नागरिकों से कहा गया है कि डेंगू की रोकथाम केवल प्रशासन या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। घर-घर सतर्कता और सामूहिक भागीदारी से ही मच्छरों के प्रजनन को प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है।

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