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आयुष्मान भारत के साथ प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस क्यों जरूरी? जानिए दोनों कवरेज में क्या है अंतर : अमरनाथ सक्सेना

By Goutam

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आयुष्मान भारत और प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस
 

जनसंवाद, जमशेदपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) देश के करोड़ों लोगों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा माध्यम बनी है। पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा मिलती है। लेकिन क्या सिर्फ आयुष्मान भारत का कवरेज किसी परिवार की हर स्वास्थ्य जरूरत के लिए पर्याप्त है? बढ़ते इलाज खर्च और महंगे मेडिकल ट्रीटमेंट के बीच प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा दे सकता है।

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आयुष्मान भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान की

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवारों के लिए गंभीर बीमारी और मेडिकल इमरजेंसी के समय आर्थिक मदद का रास्ता आसान किया है। योजना के तहत पात्र परिवार देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज का लाभ ले सकते हैं।

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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा (ABHA) सिस्टम में 90 करोड़ से अधिक नागरिकों का रजिस्ट्रेशन होने का भी दावा किया गया है। इनमें करीब आधे रजिस्ट्रेशन महिलाओं के बताए गए हैं।

आयुष्मान भारत में क्या-क्या मिलता है?

AB-PMJAY के तहत पात्र परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक का हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज मिलता है। योजना में कई तरह के मेडिकल प्रोसीजर शामिल हैं और पहले से मौजूद कई बीमारियों का इलाज भी निर्धारित नियमों के तहत कवर किया जाता है।

योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या, उम्र या लिंग को लेकर भी कोई पाबंदी नहीं है। हालांकि, इलाज योजना में निर्धारित पैकेज, दरों और सूचीबद्ध अस्पतालों के दायरे के अनुसार होता है।

₹5 लाख का कवरेज हर स्थिति में पर्याप्त नहीं

इलाज की बढ़ती लागत के बीच गंभीर बीमारी का खर्च कई बार ₹5 लाख से काफी ज्यादा हो सकता है। हृदय संबंधी इलाज, आईसीयू में लंबी भर्ती या कैंसर जैसे मामलों में इलाज कई चरणों में चलता है और मरीज को बार-बार अस्पताल जाना पड़ सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में उपलब्ध सरकारी कवरेज की सीमा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त खर्च परिवार को अपनी जेब से उठाना पड़ सकता है। लंबे समय तक चलने वाले इलाज और रिकवरी की जरूरत वाले मामलों में यह आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है।

प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस से मिल सकता है अतिरिक्त कवरेज

प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के नियमों और शर्तों के आधार पर अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क, अधिक बीमा राशि, अलग-अलग रूम रेंट विकल्प और व्यापक उपचार कवरेज जैसे लाभ दे सकती है।

कुछ पॉलिसियों में हॉस्पिटलाइजेशन के अलावा ओपीडी, टेलीकंसल्टेशन, हेल्थ चेकअप, डे-केयर प्रोसीजर, डोमिसिलियरी ट्रीटमेंट, डिस्चार्ज के बाद होने वाले मेडिकल खर्च और क्रिटिकल इलनेस जैसे अतिरिक्त लाभ भी उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, ये सुविधाएं हर पॉलिसी में समान नहीं होतीं।

आयुष्मान भारत और प्राइवेट इंश्योरेंस साथ क्यों उपयोगी हो सकते हैं?

आयुष्मान भारत के लिए पात्र परिवार के सामने भी ऐसी स्थिति आ सकती है, जब इलाज का खर्च योजना की निर्धारित सीमा से अधिक हो जाए या आवश्यक उपचार संबंधित कवरेज के दायरे में न हो। लंबे समय तक इलाज की जरूरत होने पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन सकता है।

ऐसे मामलों में प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा दे सकता है। दोनों कवरेज उपलब्ध होने पर परिवार के पास मेडिकल इमरजेंसी के समय खर्च को संभालने के लिए अधिक विकल्प हो सकते हैं।

दोनों को विकल्प नहीं, अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर समझें

आयुष्मान भारत ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन बढ़ती मेडिकल महंगाई और आधुनिक इलाज की लागत को देखते हुए हर परिवार की जरूरत केवल एक निश्चित कवरेज राशि से पूरी हो, यह जरूरी नहीं है।

इसलिए आयुष्मान भारत और प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस को एक-दूसरे के विकल्प के बजाय अलग-अलग स्तर की स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के रूप में देखा जा सकता है। किसी भी प्राइवेट पॉलिसी को लेने से पहले उसकी कवरेज, exclusions, waiting period, claim conditions और अन्य नियमों को ध्यान से समझना जरूरी है।

लेखक: श्री अमरनाथ सक्सेना, चीफ टेक्निकल ऑफिसर – कमर्शियल, बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड (पूर्व नाम बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड)

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