जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ के सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष पंचू मार्डी के नेतृत्व में शिक्षकों से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक से अविलंब आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। संघ ने TET उत्तीर्ण कक्षा 6–8 के शिक्षकों की ग्रेड-4 में पदोन्नति तथा विद्यालयों में संचालित PM POSHAN योजना के लिए पर्याप्त एवं समय पर राशि उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
संघ का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने कक्षा 6–8 के लिए TET उत्तीर्ण किया है और ग्रेड-4 में पदोन्नति के लिए निर्धारित अन्य अर्हताएं भी पूरी करते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण योग्य शिक्षकों में निराशा और असंतोष है।
पदोन्नति में देरी से MACP का लाभ भी प्रभावित
संघ ने कहा कि NCTE के निर्धारित मानकों तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में पदोन्नति के इच्छुक शिक्षकों के लिए TET की अर्हता महत्वपूर्ण है। ऐसे में योग्य शिक्षकों की वरीयता सूची तैयार कर पदोन्नति की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जानी चाहिए।
संघ के अनुसार शिक्षकों को MACP का लाभ इस आधार पर नहीं मिल पा रहा है कि उन्हें समय-समय पर पदोन्नति का लाभ दिया जाता है। यदि वर्षों तक नियमित पदोन्नति प्रक्रिया ही लंबित रहती है, तो शिक्षक पदोन्नति के साथ-साथ MACP जैसे वित्तीय लाभ से भी वंचित होते हैं। संघ ने इसे शिक्षकों के लिए दोहरी क्षति बताते हुए न्यायोचित समाधान की मांग की है।
संघ की प्रमुख मांगों में TET उत्तीर्ण एवं अन्य सभी अर्हताधारी शिक्षकों की वरीयता सूची तैयार कर ग्रेड-4 में पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल शुरू करना, स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करना तथा योग्य शिक्षकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पदोन्नति का लाभ देना शामिल है। साथ ही नियमित पदोन्नति होने तक शिक्षकों के MACP संबंधी मामलों पर भी न्यायोचित निर्णय लेने की मांग की गई है।
PM POSHAN की राशि समय पर नहीं मिलने से परेशानी
शिक्षक संघ ने विद्यालयों में संचालित PM POSHAN योजना को लेकर भी चिंता जताई। संघ के अनुसार कई विद्यालयों में कुकिंग कॉस्ट तथा अंडा/पोषण मद की राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण मध्याह्न भोजन योजना के नियमित संचालन में कठिनाइयां आती हैं।
संघ का कहना है कि कई विद्यालयों में वास्तविक छात्र उपस्थिति 70 प्रतिशत या उससे अधिक रहती है, जबकि राशि औसतन 60–70 प्रतिशत उपस्थिति के आधार पर मिलने से भोजन व्यवस्था प्रभावित होती है।
संघ ने कहा कि जब विद्यालयों को हर परिस्थिति में बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाता है, तो इसके लिए आवश्यक राशि भी समय पर और वास्तविक छात्र उपस्थिति के अनुरूप उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। राशि की कमी का आर्थिक एवं प्रशासनिक भार शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर नहीं डाला जाना चाहिए।
वास्तविक छात्र उपस्थिति के आधार पर हो भुगतान
शिक्षक संघ ने मांग की है कि कुकिंग कॉस्ट एवं अंडा/पोषण मद की राशि नियमित रूप से समय पर उपलब्ध कराई जाए। भुगतान का आधार विद्यालय की वास्तविक छात्र उपस्थिति को बनाया जाए तथा अधिक उपस्थिति वाले विद्यालयों में उत्पन्न राशि की कमी का अगले भुगतान में समायोजन किया जाए।
इसके अलावा आकस्मिक कमी की स्थिति में विद्यालयों को अग्रिम अथवा आपातकालीन राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने, अंडा/पोषण मद की राशि अलग से समय पर उपलब्ध कराने तथा विद्यालयों द्वारा पूर्व में किए गए वास्तविक व्यय का नियमानुसार समायोजन या भुगतान करने की मांग की गई है।
संघ ने जिले के सभी विद्यालयों में PM POSHAN से संबंधित लंबित राशि एवं भुगतान की स्थिति की समीक्षा कर जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग रखी है।
जिला शिक्षा अधीक्षक से ठोस कार्रवाई की मांग
झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां से दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। संघ ने कहा कि योग्य शिक्षकों को उनका वैधानिक एवं सेवा संबंधी अधिकार तथा विद्यालयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
इस दौरान प्रदेश संयोजक मंगल सिंह बेसरा, प्रदेश संगठन सचिव जय नंदन सिंह मुंडा, ईचागढ़ प्रखंड अध्यक्ष सुचांद प्रसाद महतो, जिला कार्यकारिणी सदस्य सुमन हलधर, जिला उपाध्यक्ष इंद्रजीत महतो, जिला कोषाध्यक्ष घनश्याम महतो, ठाकुर मांझी एवं प्रकाश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।



































