जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। खान एवं खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। चांडिल के भुंईयाडीह स्थित पार्टी कार्यालय में गुरुवार को झामुमो सरायकेला-खरसावां जिला समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो ने की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 7 सितंबर को जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में खरसावां विधायक दशरथ गागराई, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, गणेश महाली समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
खनिज संसाधनों पर अधिकार को लेकर झामुमो का विरोध
झामुमो नेताओं ने MMDR संसाधन विधेयक 2026 का विरोध करते हुए कहा कि झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर यहां के लोगों का पहला अधिकार होना चाहिए। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण राज्य के हितों की अनदेखी की जा रही है।
जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, लेकिन इसके बावजूद यहां के लोगों को उनके अधिकारों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को केंद्र सरकार की नीतियों और प्रस्तावित आंदोलन के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया।
7 सितंबर के आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान
डॉ. शुभेंदु महतो ने कहा कि 7 सितंबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए पार्टी के जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने की अपील की।
दशरथ गागराई बोले- संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा
खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर राज्य का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए झामुमो लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आम जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की नीतियों को सामने रखने और आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि झामुमो झारखंडी अस्मिता, अधिकार और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करता रहा है और आगे भी यह लड़ाई जारी रहेगी।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर जोर
ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा और आदिवासी-मूलवासी संस्कृति से है। राज्य के संसाधनों का लाभ यहां के लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राज्य के हितों की अनदेखी की जाती है तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
उन्होंने 7 सितंबर के कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाने के निर्देश
गणेश महाली ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ हैं और किसी भी आंदोलन की सफलता उनके सक्रिय योगदान पर निर्भर करती है। उन्होंने प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने तथा अधिक से अधिक लोगों को धरना-प्रदर्शन में शामिल करने का निर्देश दिया।
बैठक में डॉ. शुभेंदु महतो, दशरथ गागराई, सविता महतो, गणेश महाली, संजय महतो, अनुप सिंह देव, मांगीलाल महतो, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, मुन्ना सोय, साधुचरण सोय, सानगी हेंब्रम, करम सिंह मुंडा, धनु मुखी, बबलु गोडसरा सहित झामुमो के जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



































