जमशेदपुर / Balram Panda : शहर की राजनीति में जवाबदेही और जनभागीदारी को लेकर मजदूर नेता सह टाटा मोटर्स के बर्खास्त कर्मी और समाजसेवी बंटी सिंह ने नेताओं की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि राजनीति सत्ता या व्यक्तिगत स्वार्थ का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा और समाज को जोड़ने का जरिया होना चाहिए.
बंटी सिंह ने युवाओं से अंधसमर्थन की राजनीति से बाहर निकलने की अपील करते हुए कहा कि नेता के चेहरे या भाषण से नहीं, बल्कि उसके काम से उसका मूल्यांकन होना चाहिए, जनता को यह पूछने का पूरा अधिकार है कि चुनाव के बाद उसके क्षेत्र, रोजगार, शिक्षा और विकास के लिए किसने क्या काम किया.
वरिष्ठ नेता सरयू राय की राजनीतिक कार्यशैली को लेकर भी बंटी सिंह ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का किसी नेता के साथ खड़ा होना उसे स्वतः सही और अलग हो जाना उसे गलत साबित नहीं कर सकता, उनके मुताबिक राजनीति में व्यक्ति से ज्यादा विचार, नीयत और काम का महत्व होना चाहिए.
बंटी सिंह ने कहा कि जमशेदपुर के युवा किसी राजनीतिक दल या नेता की भीड़ नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की ताकत हैं, युवाओं को रोजगार, शिक्षा, उद्योग, बुनियादी सुविधाओं और शहर के विकास से जुड़े सवाल मजबूती से उठाने चाहिए.
समाज और जाति के नाम पर होने वाली राजनीति पर भी उन्होंने चिंता जताई, उन्होंने सभी सामाजिक वर्गों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि समाज की एकता किसी भी राजनीतिक हित से बड़ी है. बंटी सिंह ने नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि गलती हर किसी से हो सकती है, लेकिन गलती स्वीकार कर उसे सुधारना ही जवाबदेह नेतृत्व की पहचान है.
उन्होंने दो टूक कहा जमशेदपुर किसी एक नेता, दल या परिवार की जागीर नहीं है, यह शहर मजदूरों, युवाओं, व्यापारियों, महिलाओं और हर वर्ग की मेहनत से बना है.
अंत में उन्होंने जनता और युवाओं से आह्वान किया कि अब अंधसमर्थन नहीं, बल्कि सवाल, जवाबदेही और विकास की राजनीति को प्राथमिकता दी जाए, उनका कहना है कि जमशेदपुर को ऐसी राजनीति चाहिए जो समाज को बांटे नहीं, बल्कि लोगों को जोड़कर शहर को विकास की दिशा में आगे ले जाए.



































