जनसंवाद, आदित्यपुर। नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NSMCH), आदित्यपुर में अत्याधुनिक कैथ लैब के जरिए पहली कोरोनरी एंजियोग्राफी सफलतापूर्वक की गई। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बिमलेन्दु कुमार और उनकी कार्डियक टीम ने 81 वर्षीय मरीज लखन साव की यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है।
सीने में दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे थे मरीज
चतरा निवासी और वर्तमान में गोविंदपुर में रह रहे 81 वर्षीय लखन साव सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचे थे। मरीज की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बिमलेन्दु कुमार ने जांच के लिए एंजियोग्राफी कराने का निर्णय लिया।
अस्पताल के अनुसार आधुनिक कैथ लैब में डिजिटल इमेजिंग तकनीक की मदद से प्रक्रिया पूरी की गई। उपचार के दौरान मरीज की उम्र को देखते हुए डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने विशेष निगरानी रखी।
डॉ. बिमलेन्दु बोले- उम्रदराज मरीज में विशेष सतर्कता जरूरी
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बिमलेन्दु कुमार ने कहा कि 81 वर्ष की उम्र में इनवेसिव कार्डियक प्रक्रिया के दौरान विशेष सतर्कता और तकनीकी बैकअप जरूरी होता है।
उन्होंने बताया कि कैथ लैब में कम रेडिएशन और डिजिटल इमेजिंग की सुविधा के जरिए एंजियोग्राफी पूरी की गई। उनके अनुसार समय पर और सटीक निदान मिलने से हृदय रोग के उपचार की दिशा तय करने में मदद मिलती है।
चेयरमैन ने टीम को दी बधाई
संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने पहली सफल एंजियोग्राफी पर कार्डियोलॉजी विभाग और पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं के लिए मरीजों को दूसरे बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी।
24 घंटे इमरजेंसी कार्डियक केयर की सुविधा
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस उपलब्धि के साथ संस्थान में 24 घंटे इमरजेंसी कार्डियक केयर, प्राइमरी एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर प्रत्यारोपण की सुविधाएं भी सक्रिय हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इसे आदित्यपुर और आसपास के क्षेत्रों में कार्डियक सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

















