जनसंवाद, जमशेदपुर। सौरभ विष्णु, अध्यक्ष जन विकास मंच एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, के नेतृत्व में डिमना–पारडीह चौक विकास समिति ने शनिवार को डिमना में प्रस्तावित अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल की जमीन की टूटी चहारदीवारी के सामने ‘डिमना जनता का पहरा’ शुरू किया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा तय निरीक्षण की समय-सीमा बीत जाने के बाद निवासियों ने निर्णय लिया है कि अब इस जमीन पर होने वाली हर गतिविधि पर वे स्वयं नजर रखेंगे और उसका रिकॉर्ड दर्ज करेंगे। पहरे के शुभारंभ पर धरना स्थल पर प्रेस वार्ता भी हुई।
रोजाना दर्ज होंगी गतिविधियां
पहरे में वसुंधरा एस्टेट, डिमना बस्ती, हिल विहार कॉलोनी और रीबिट कॉलोनी के निवासी शामिल हुए। रीबिट कॉलोनी की महिलाओं की टीम पहली बार इस आंदोलन में उतरी और अग्रिम पंक्ति में बैठी। निवासी बारी-बारी से प्रतिदिन स्थल पर बैठेंगे और आने-जाने वाले वाहनों तथा वहां होने वाले हर कार्य को तारीख और समय के साथ पंजी, फोटो और वीडियो में दर्ज करेंगे।
7 अक्टूबर को समाप्त हुई निरीक्षण की समय-सीमा
सौरभ विष्णु ने बताया कि एनजीटी की पूर्वी क्षेत्र पीठ, कोलकाता ने 23 सितंबर 2026 को मूल आवेदन संख्या 202/2026/EZ में संयुक्त समिति को दो सप्ताह के भीतर स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया था। यह अवधि 7 अक्टूबर को समाप्त हो गई, लेकिन कोई जांच दल नहीं आया। निवासियों ने 3 और 5 अक्टूबर को संबंधित विभागों को पत्र देकर जांच की तारीख मांगी थी, जिसका उत्तर अब तक नहीं मिला है।
जमीन में कचरा दबाने का आरोप, खुदाई कर जांच की मांग
सौरभ विष्णु ने टूटी चहारदीवारी की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि जांच से पहले दीवार तोड़ी गई, मशीनें अंदर गईं और निवासियों के अनुसार कचरा हटाने के बजाय उसी जमीन में दबाकर ऊपर मिट्टी डाल दी गई।
उन्होंने कहा, “जांच से पहले यहां दीवार तोड़ी गई, मशीनें अंदर गईं, और निवासियों के अनुसार कचरा हटाने के बजाय इसी जमीन में दबाकर ऊपर मिट्टी डाल दी गई। ऊपर से जमीन साफ दिखती है, पर नीचे कचरा है। इसलिए हमारी मांग है कि इस जमीन की खुदाई कर जांच हो, ताकि जो दबाया गया है वह सबके सामने आए।”
एक मोहल्ला साफ कर उसका कचरा दूसरे मोहल्ले में नहीं डाल सकते
उन्होंने आगे कहा, “शहर में किसी भी मोहल्ले की सफाई हो, हम उसका स्वागत करते हैं। पर एक मोहल्ला साफ करके उसका कचरा दूसरे मोहल्ले पर नहीं डाला जा सकता। डिमना शहर का डंपिंग ग्राउंड नहीं है।”
समिति ने इस जमीन पर या राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के किनारे कचरा शेड अथवा कॉम्पैक्टर लगाने पर अपनी लिखित आपत्ति नगर निगम को स्पीड पोस्ट से भेजी है, जो 9 अक्टूबर को प्राप्त हो चुकी है।
समिति ने रखीं चार मांगें
समिति ने ‘जनता का पहरा’ शुरू करने के साथ चार प्रमुख मांगें रखीं:
- दुर्गा पूजा के दौरान मानगो पुल, मानगो चौक और उससे जुड़े मार्गों पर भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू हो, और स्कूल व दफ्तर के व्यस्त समय में भी इसका पालन हो।
- नो-एंट्री का समय, वैकल्पिक मार्ग और पार्किंग स्थल पहले से सार्वजनिक किए जाएं, ताकि लोग योजना बनाकर निकल सकें।
- मानगो पुल के दोनों छोर, मानगो चौक और डिमना चौक पर पर्याप्त यातायात पुलिस तैनात हो, और नो-एंट्री तोड़ने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई हो।
- एमजीएम अस्पताल तक एंबुलेंस के लिए अलग से खुला रास्ता सुनिश्चित किया जाए।
- मानगो फ्लाईओवर का जो हिस्सा दुर्गा पूजा से पहले खोलने की बात कही गई थी, उसकी स्थिति स्पष्ट की जाए।
सौरभ विष्णु बोले- कानून से लड़ी जाएगी लड़ाई
सौरभ विष्णु ने कहा, “अधिकरण में यह लड़ाई कानून से लड़ी जाएगी, और यहां जमीन पर निवासियों के साथ मिलकर। पहरे का हर दिन का रिकॉर्ड अधिकरण तक जाएगा। यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, डिमना से पारडीह चौक तक हर घर की लड़ाई है।”
इस दौरान ये रहे मौजूद
पंकज तिवारी, बिनोद सिंह, दीपक, बाबलू सिंह, बप्पी दत्ता, चंदन चौहान, दीपक तिवारी, विजय तिवारी, बिट्टू, सुमन शर्मा, दुलाल, पवन, किसिला देवी, सोनी देवी, चंदन, सोमू एवं गीता देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

















