जनसंवाद, रांची/खरसावां (उमाकांत कर)। खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने झारखंड विधानसभा में राज्य के नव नियुक्त सहायक आचार्यों के प्रमाण पत्र सत्यापन एवं वेतन भुगतान में हो रही देरी का मामला उठाया। दिनांक 24 फरवरी 2026 को पूछे गए तारांकित प्रश्न (संख्या–27) के माध्यम से उन्होंने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
क्या है पूरा मामला?
विधायक ने सवाल किया कि क्या यह सही है कि राज्य के विभिन्न विद्यालयों में नव नियुक्त सहायक आचार्यों को पदस्थापित किया गया है?सरकार ने इसका उत्तर स्वीकारात्मक दिया।
इसके बाद विधायक ने पूछा कि क्या यह भी सही है कि पदस्थापन के बाद शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है, जिसके कारण वेतन भुगतान प्रारंभ नहीं हो सका है?
सरकार का जवाब
सरकार की ओर से बताया गया कि सहायक आचार्यों के प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। सत्यापन के उपरांत ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जाएगी। जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षकों को इस कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
उत्तर में यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य में कुल 9131 सहायक आचार्य नियुक्त हुए हैं, जिनमें से 44 के प्रमाण-पत्रों की जांच पूरी की जा चुकी है तथा शेष मामलों की प्रक्रिया संबंधित संस्थानों को भेजी गई है। सत्यापन के बाद नियमानुसार वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
आर्थिक संकट का मुद्दा
विधायक दशरथ गागराई ने सदन में यह भी उठाया कि वेतन नहीं मिलने से नव नियुक्त सहायक आचार्यों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाकर शीघ्र वेतन भुगतान शुरू किया जाए, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जरूरी है कि नियुक्त शिक्षकों को समय पर वेतन मिले और प्रशासनिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

















